हैदराबाद: KIMS के प्रख्यात ब्रेस्ट कैंसर सर्जन डॉ रघु राम को ब्रिटिश महारानी करेंगी सम्मानित

British Queen will honor KIMS eminent breast cancer surgeon Dr. P Raghu Ram - Sakshi Samachar

हैदराबाद:  प्रख्यात ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) सर्जन डॉ. पी. रघु राम (Dr P Raghu Ram) का नाम क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) की प्रतिष्ठित नए साल 2021 की ऑनर्स सूची में शामिल किया गया है। इस सूची को बकायदा क्राउन के आधिकारिक प्रकाशन 'लंदन गजट' (London Gazette) में छापा गया है। किंग जॉर्ज V द्वारा 1917 में स्थापित, महारानी सम्मान दुनिया भर में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है। जिसमें हैदराबाद के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ रघु राम का नाम आने से तेलंगाना सहित पूरे देश में खुशी की लहर है। 

रघु राम स्तन रोग के लिए KIMS-Usha Lakshmi सेंटर के निदेशक और Usha Lakshmi स्तन कैंसर फाउंडेशन के संस्थापक-सीईओ हैं। वह एसोसिएशन ऑफ सर्जन ऑफ इंडिया (Association of Surgeon of India) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 54 वर्षीय डॉ रघु राम को ब्रिटिश महारानी की तरफ से उत्कृष्ट सम्मान से नवाजा जाएगा। बीते 100 सालों में इस तरह का सम्मान पाने वाले भारतीयों में डॉ रघु राम काफी कम उम्र के हैं। 

डॉ रघु राम ने महिलाओं में स्तन कैंसर की समस्या को लेकर गहन शोध भी किया है। इसके लिए उन्होंने ब्रिटिश अस्पतालों में भी काम किया। हर साल महारानी एलिजाबेथ द्वितीय सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्ट काम करने वालों को सम्मानित करती हैं। इसमें किसी भारतीय चिकित्सक का शामिल होना देश के लिए गौरव की बात है। 

ब्रिटिश सम्मान स्वीकार करने के लिए डॉ रघु राम ने हामी भरी 

डॉ रघु राम ने ब्रिटिश सम्मान स्वीकार करने के लिए हामी भरी है साथ ही महारानी एलिजाबेथ द्वीतीय के प्रति अपना आभार भी जाताया है। बीते एक दशक के दौरान डॉ रघु राम भारत में ही रहकर ब्रेस्ट कैंसर को लेकर काम कर रहे हैं। इस दौरान ब्रिटेन स्थित चिकित्सकीय संस्थानों से उनका गहरा संपर्क रहा है। 

डॉ पी रघु राम ने ब्रिटिश सम्मान मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए इसका श्रेय परिवार और सहयोग करने वाले उनके तमाम रोगियों को दिया है। इसके साथ ही हैदराबाद स्थित KIMS हॉस्पिटल्स के निदेशक मंडल के लिए भी डॉ रघु राम ने शुक्रिया अदा किया। 

KIMS ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के प्रबंध निदेशक डॉ बी भास्कर राव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “डॉ. रघु राम ने बहुत कम उम्र में ये उपलब्धि हासिल की है। अमूमन ये प्रतिष्ठा हासिल करने में तमाम उम्र खप जाते हैं। वो जो भी करते हैं, 100% प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ अंजाम देते हैं। भारत आने से पहले वो 10 सालों तक यूके में अपने काम को अनवरत जारी रखे हुए थे। ब्रिटेन में हासिल अनुभवों का इस्तेमाल उन्होंने भारत में रोगियों की सेवा में किया।”

राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजे जा चुके हैं डॉ रघु राम 

डॉ पी रघु राम को साल 2015 और 2016 में क्रमशः पद्म श्री और डॉ. बीसी रॉय राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। इन पुरस्कारों को हासिल करने वालों में भी डॉ रघु राम की उम्र काफी कम है। बीते 25 सालों के करियर में डॉ रघु राम ने स्तन कैंसर पर काफी शोध किया है। 1995 में सर्जन बनने के बाद सफल ऑपरेशन के जरिए उन्होंने कई महिलाओं को स्तन कैंसर से ठीक किया। डॉ रघु राम के प्रयासों के चलते ही भारत में स्तन कैंसर को लेकर डर का माहौल कम हुआ है। साथ ही इलाज के बाद ठीक होने वाले रोगियों की तादाद में इजाफा हुआ है। 

डॉ रघु राम के प्रयासों से ही आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में जनसंख्या के हिसाब से स्तन कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू किया गया। जिसके बाद ब्रेस्ट कैंसर की शिकार महिलाओं को उनकी बीमारी के बारे में शुरुआत में ही पता लग पाया और इलाज के बाद वे ठीक भी हो सकीं। 
 

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