Badaun गैंगरेप: पुजारी और चेलों ने पार कीं दरिंदगी की सारी हदें, धर्मस्थल पर हैवानियत का नंगा नाच

Badaun woman brutally gang raped by Mahant and 2 others  - Sakshi Samachar

बदायूं: यूपी के बदायूं (Badaun) से अधेड़ महिला के साथ गैंगरेप (Gang Rape) की जघन्य वारदात सामने आई। शर्मनाक बात ये कि 50 साल की महिला धर्मस्थल पर पूजा करने गई थी। जहां के महंत और उसके दो अन्य साथियों ने बर्बरतापूर्व महिला के साथ रेप किया। दिल्ली की चर्चित निर्भया केस (Nirbhaya Case) की तरह ही महिला के प्राइवेट पार्ट में रॉड तक डाले गए। परिवार को जब महिला की लाश मिली उसके बाद इत्तला के बावजूद पुलिस कार्रवाई में 17 घंटों की देरी हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में महिला के साथ गैंगरेप की पुष्टि की गई है। जिसके बाद से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार और जिला प्रशासन में हड़कंप है। 

घटना की गंभीरता को देखते हुए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। सीएम ने मामले में STF को कार्रवाई का आदेश दिया है। सीएम योगी ने आदेश दिया है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत की जाय। सरकार ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार का ईनाम भी घोषित किया है। मुख्य आरोपी सत्यनारायण फरार है, जिसको पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही है। बदायूं के जिलाधिकारी ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की बात कही है, साथ ही दावा किया है कि हैवानों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

महिला के साथ कैसे हुई बर्बरता? 

पोस्टमॉर्ट्म रिपोर्ट आने के बाद महिला के साथ हुई बर्बरता का खुलासा हुआ। मृतक महिला के प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटें हैं। इसके अलावा महिला का पैर भी टूटा मिला। रेप के बाद महिला को तड़पा तड़पाकर मार डाला गया। ऐसा लगता है कि अपराधियों से बचने के लिए महिला ने कड़ा संघर्ष किया था। मामले में लापरवाही बरतने के चलते उघैती के थाना प्रभारी राघवेंद्र को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने तत्परता के साथ दो आरोपियों की गिरफ्तारी की है। जबकि सरगर्मी से मुख्य आरोपी महंत सत्यनारायण की तलाश की जा रही है। महिला के शरीर को हैवानों ने बुरी तरह नोचा था। शरीर पर जगह जगह चोट के निशान मिले। महंत सत्यनारायण के अलावा मेवली निवासी वेदराम और जसपाल पर सामूहिक दुष्कर्म के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

परिवार ने बताई रूह कंपाने वाली कहानी 

घटना को लेकर परिवार ने जो जानकारी दी वो रूहें कंपाने वाली है। महिला रविवार को शाम 6 बजे पूजा के लिए गई थी। जब 2-3 घंटों बाद भी महिला घर नहीं लौटी तो परिवार वाले खोजने के लिए निकल गए। पुलिस शिकायत के बावजूद पुलिसकर्मियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिवार के मुताबिक घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी महंत और उसके दोनों साथियों ने घर की कुंडी खट खटाकर महिला का शव वहीं फेंक दिया और भाग खड़े हुए। हालांकि इस दौरान महिला के बच्चों ने तीनों आरोपियों को पहचान लिया। खून से लथपथ महिला का शव मिलने के बाद भी पुलिस को मौके पर पहुंचने कई घंटे लग गए। 

इस बीच ग्रामीणों ने आरोपी सत्यनारायण को फोन किया तो बहाने बनाने लगा। रविवार को हुई जघन्य वारदात की तफ्तीश के लिए  पुलिस सोमवार देर शाम को पहुंची। महिला का शव यूं ही 18 घंटों तक घर के बाहर पड़ा रहा। जब मृतक शरीर को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और उसकी रिपोर्ट आई तो अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए। 

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