इतिहास के पन्नों में दर्ज हुई आज की तारीख, पीएम मोदी ने किया राम मंदिर का भूमि पूजन

Ayodhya Ram Mandir Bhoomi Pujan By PM Narendra Modi - Sakshi Samachar

अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न

पीएम मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल एवं सीएम रहे मौजूद

रामलला के दर्शन के बाद भूमि पूजन अनुष्ठान में बैठे पीएम मोदी

अयोध्या : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुधवार को अयोध्या स्थित रामजन्म भूमि स्थल पहुंचने और मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन करने के साथ पांच अगस्त की तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई। राम नगरी अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन का समय एक ऐसा ऐतिहासिक पल था, जिसे भारतीय राजनीति के सर्वोत्तम से भी उत्तम क्षण के रूप में रेखांकित किया जाएगा। वाराणसी और अयोध्या के पंडितों द्वारा आयोजित इस भूमि पूजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने पूजा की सभी रस्में निभाईं। भूमि पूजन के लिए खोदे गए गड्ढे में विभिन्न धार्मिक स्थानों से लाई गई पवित्र मिट्टी और 151 नदियों के जल को चढ़ाया गया। इस दौरान आरएसएस प्रमुख, उप्र के मुख्यमंत्री और राज्यपाल कुछ दूरी पर बैठे रहे। वीएचपी नेता दिवंगत अशोक सिंघल के भतीजे सलिल सिंघल और उनकी पत्नी भी समारोह में उपस्थित थे।

श्री राम तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष और मंदिर आंदोलन के प्रणेताओं में से एक महंत नृत्य गोपाल दास भूमिपूजन स्थल पर नहीं थे। हालांकि, प्रधानमंत्री की बैठक में वह मौजूद रहे। ट्रस्ट के सचिव चंपत राय भी भूमि पूजन में उपस्थित नहीं थे। समारोह में आए सभी संतों और आमंत्रितों को एक अलग स्थान पर बैठाया गया, जहां उन्होंने पूरे समारोह को एलईडी स्क्रीन पर देखा। भूमि पूजन के साथ ही भव्य राम मंदिर निर्माण कार्य का श्रीगणेश हुआ जोकि न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक सपना था बल्कि सामाजिक व धार्मिक दृष्टि से देश के एक बड़े वर्ग को इसका इंतजार था। 

एक नजर में पूरा भूमि पूजन कार्यक्रम
 
धोती और कुर्ता के परंपरागत परिधान में अयोध्या आगमन पर प्रधानमंत्री ने हस्त प्रक्षालन सबसे पहले दंडवत होकर रामलला विराजमान को प्रणाम किया। इसके बाद शंखनाद के बीच मोदी ने प्रार्थना और परिक्रमा की। मोदी ने इसके बाद यहां मंदिर परिसर में पारिजात का पौधा लगाया और उसको सींचा।

इसके बाद 10वीं सदी में निर्मित हनुमान गढ़ी मंदिर में उन्होंने अर्चना की और फिर भूमि-पूजन का कार्य के लिए प्रस्थान किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ थे। प्रधानमंत्री के साथ भूमि पूजन में संघ प्रमुख मोहन भागवत, उप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। वेद मंत्रोच्चार साथ शुरू हुई पूजा के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा गया था।

भूमि पूजन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों की मिट्टी लाई गई और विभिन्न नदियों का जल भी लाया गया। इसके साथ 40 किलो चांदी की ईंट से भव्य राम मंदिर का शिलान्यास का कार्य आरंभ हुआ। प्रधानमंत्री ने भूमिपूजन कर राम मंदिर की आधारशिला रखी, जिसके बाद मंदिर निर्माण कार्य का श्रीगणेश हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 वर्षो बाद अयोध्या की धरती पर तब कदम रखा जब आज राम मंदिर निर्माण कार्य आरंभ हुआ।

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