मां की मौत हो चुकी थी, बच्चा कफन को चादर समझकर खेलता रहा... इस उम्मीद में कि मां अभी उठ जाएगी

Woman died  due to hunger and Thirst during Lock Down at Muzaffarpur Railway Station  - Sakshi Samachar

गुजरात से मुजफ्फरपुर लौटी थी महिला 

लॉकडाउन के कारण नहीं मिला था काम 

पटना : बिना काम किए दो जून की रोटी मिलना मुश्किल है। कोरोना के मद्देनजर देशव्यापी घोषित लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों की परेशानियां बढ़ गई हैं और पिछले करीब दो महीनों से उन्हें पेट भरने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। कुछ लोग भूख के कारण मर रहे हैं, जबकि कुछ चिलचिलाती धूप में चलकर अपनी जान गंवा रहे हैं।

एक मां भूख से तड़प-तड़प कर अपने बेटे को अकेला छोड़कर कभी नहीं लौटने वाली जगह चली गई, लेकिन इस बात से अंजान बच्चा बेजान पड़ी अपनी मां को उठाने की कोशिश करता रहा। मां की लाश पर ढका चादर हटाते हुए मां उठो-उठो कहता रहा, लेकिन उस मासूम को क्या पता कि उसकी मां अब कभी नहीं उठ सकेगी। सही ढंग से बात तक नहीं कर पाने वाले बच्चे को कौन सहारा देगा। लॉकडाउन के कारण देश में इस तरह की मौतें देखने को मिल रही हैं।

बिहार की रहने वाली एक महिला कुछ सालों पहले रोजी रोटी की तलाश में गुजरात गई थी। लॉकडाउन की वजह से उसकी रोजी-रोटी छीन गई। इसपर उसने अपना गृहराज्य लौटने का फैसला किया। वह सरकार द्वारा शुरू की गई ट्रेन में शनिवार को गुजरात से बिहार के लिए रवाना हुई। सोमवार को बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित रेलवे स्टेशन पहुंची, लेकिन ट्रेन से उतरने के तुरंत बाद महिला प्लाटफार्म पर गिर गई और वहीं उसकी मौत हो गई।

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परिवार के सदस्यों ने बताया कि भोजन और पानी नहीं मिलने के कारण ही उसकी मौत हुई है। उन्होंने कहा कि ट्रेन में ही वह काफी कमजोर लग रही थी और ट्रेन से उतरते ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को बरामद करने के साथ ही बच्चे को उसके रिश्तेदारों के हवाले कर दिया।

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