केरल में विपक्षी यूडीएफ ने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया

UDF Submitted Proposal Against Speaker of Legislative Assembly  - Sakshi Samachar

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के विधायक एम उम्मेर ने पेश किया प्रस्ताव

मीडिया घरानों द्वारा लिखी गई काल्पनिक कहानियों से नहीं हूं चिंतित 

तिरुवनंतपुरम : केरल (Kerala) में विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (United Democratic Front) ने गुरुवार को केरल विधानसभा (Kerala Legislative Assembly) में अध्यक्ष पी श्रीरामकृष्णन (P. Sriramakrishnan) के खिलाफ एक प्रस्ताव (Proposal) पेश किया और उनके इस्तीफे की मांग की, लेकिन चर्चा के दौरान वॉकआउट किया, जिसके बाद सदन ने इसे खारिज कर दिया। 

गौरतलब है कि यूडीएफ ने विधानसभा अध्यक्ष पर डॉलर तस्करी के मामले में लगे आरोपों के मद्देनजर और सदन परिसर में हुई विभिन्न निर्माण गतिविधियों में कथित अपव्यय को लेकर उनके खिलाफ सदन में एक प्रस्ताव पेश किया था। लगभग चार घंटे तक चली चर्चा के अंत में जब श्रीरामकृष्णन अपना पक्ष रख रहे थे, तब विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला अपनी सीट से उठे और घोषणा की कि चूंकि अध्यक्ष उनकी मांग को नहीं मान रहे हैं, इसलिए विपक्ष ने वॉकआउट करने का फैसला किया है। 

विधायक एम उम्मेर ने पेश किया प्रस्ताव
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के विधायक एम उम्मेर ने प्रस्ताव पेश किया और खबरों का हवाला देते हुए कहा, "ऐसा लगता है कि विधानसभा के वर्तमान सत्र के समाप्त होने के बाद सीमा शुल्क अधिकारी अध्यक्ष से पूछताछ कर सकते हैं।" उम्मेर ने कहा, "जब विधानसभा अध्यक्ष को पूछताछ के लिए सीमा शुल्क विभाग के समक्ष पेश होने की आवश्यकता पड़ेगी, तो यह इस सदन की गरिमा को प्रभावित करेगा।" 

चेन्निथला ने कहा कि अध्यक्ष को पद से हट जाना चाहिए। चेन्निथला ने कहा, "वह केरल विधानसभा के इतिहास में सबसे खराब अध्यक्ष के रूप में जाने जाएंगे।" हालांकि, सत्ता पक्ष ने अध्यक्ष का जोरदार बचाव किया और कहा कि यह प्रस्ताव अफवाह और कुछ मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है जिनका कोई आधार नहीं है। 

विधानसभा अध्यक्ष ने दिया जवाब
श्रीरामकृष्णन ने अपने जवाब में कहा कि वह कुछ मीडिया घरानों द्वारा लिखी गई काल्पनिक कहानियों से चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, "मुझे खुशी और गर्व है कि इस समय के दौरान जब पूरे देश में असंतोष की आवाज गूंज रही है, हम इस तरह के एक मामले पर चर्चा कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "विपक्ष अब मुझे निशाना बना रहा है क्योंकि सरकार के खिलाफ विरोध करने के लिए कुछ भी नहीं है।" 

सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस हुई। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अध्यक्ष का पुरजोर समर्थन किया और कहा कि इस प्रस्ताव के साथ विपक्षी दलों का राजनीतिक पाखंड उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि श्रीरामकृष्णन को निशाना बनाने के पीछे एक साजिश है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष ने जांच एजेंसियों की हरकतों का विरोध करने के बजाय इस तरह का प्रस्ताव लाया है। 

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सदन में भाजपा के एकमात्र सदस्य ओ राजगोपाल ने श्रीरामकृष्णन के खिलाफ यूडीएफ द्वारा लाये गए प्रस्ताव का समर्थन किया और कहा कि अध्यक्ष को बाकी सदस्यों के लिए एक उदाहरण पेश करना चाहिए। इससे पहले सत्तारूढ़ वाम मोर्चे ने शुरुआत में तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए प्रस्ताव पर आपत्ति जताई, लेकिन बाद में सदन ने मामले पर चर्चा करने का फैसला किया। प्रस्ताव को पेश किए जाने से पहले, श्रीरामकृष्णन ने अध्यक्ष के आसन से उठ कर चले गए और उपसभापति पी शशि ने कार्यवाही शुरू की। इस बीच, युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष का पुतला जलाया। 
 

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