तेजस्वी का सत्ता में आने पर 10 लाख युवाओं को नौकरी का वादा, पहली कैबिनेट में लेंगे फैसला

Tejashwi Yadav RJD claim to give 10 lakh jobs Bihar Assembly Election - Sakshi Samachar

तेजस्वी यादव ने 10 लाख युवाओं को नौकरी का वादा किया

सत्ता में आने पर पहली कैबिनेट में लेंगे फैसला

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के एलान के साथ ही तेजस्वी यादव ने बिहार के युवाओं के लिए दस लाख नौकरी देने का वादा किया है। अब युवा ये तय नहीं कर पा रहे हैं कि ये तेजस्वी का बड़बोलापन है या फिर वे इस वादे को लेकर संजीदा हैं। इस बारे में राजनीतिक वायदों और खासकर तेजस्वी की पार्टी के रवैये को यहां खंगालते हैं। 

बिहार में कितनी है संभावित वैकेंसी

बिहार में आंकड़ों पर नजर डालें तो सरकारी विभागों में करीब साढ़े चार लाख रिक्तियां हैं। जबकि तेजस्वी यादव ने वादा किया है कि पहली ही कैबिनेट में दस लाख नौकरियों का एलान कर देंगे। आम लोगों की मानें तो ये किसी बड़बोले नेता की लफ्फाजी से कम नहीं। तेजस्वी यादव ने ये नहीं बताया कि बिहार की आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए उनका क्या प्लान है। हो सकता है तेजस्वी सत्ता में आने के बाद 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दे भी दें। फिर सवाल उठता है कि कर्मचारियों की इस फौज को सैलरी कहां से देंगे। 

बिहार में राजस्व के सीमित साधन हैं। केंद्र और राज्य की सम्मिलित योजनाओं के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में केंद्र सरकार की धनराशि का भी इस्तेमाल होता है। जो लोग सरकारी नौकरी में हैं उनके वेतन भुगतान में देरी होना आम बात है। 

रोजगार के मुद्दे पर आक्रामक रहे हैं तेजस्वी

बिहार में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवकों की कमी नहीं है। तेजस्वी उनका नब्ज टटोलते हुए सियासी फायदे की जुगत में हैं। युवा तेजस्वी यादव ने कई मौकों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को रोजगार के मसले पर घेरा है। तेजस्वी यादव को भी पता है कि उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार में बिहार 26वें पायदान पर है। फिर नीतीश कुमार के लिए संभव नहीं है कि बड़ी संख्या में अपने दम पर रोजगार का सृजन कर सकें। यहां तक कि बिहार में इन्वेस्टमेंट और उद्योग लगाने में राज्य फिसड्डी है। 

युवाओं के प्रति कैसा रहा है राजद का रवैया?

युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राजद के रवैये के सवाल पर उनसे बात करें तो जो 1998-2000 वर्षों के बीच बिहार में रहे। तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तब सरकार हुआ करती थी और लालू प्रसाद उनके हम साये की तरह जुटे होते। अधिकारियों को भी पता था लालूजी की क्या हैसियत है। उच्च शिक्षा में खलबली मची थी और पटना विश्वविद्यालय में पहले टीचिंग पर नॉन टीचिंग कर्मियों की हड़ताल हुई। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि 9 महीने से अधिक समय तक चले इस हड़ताल के दौरान तत्कालीन सरकार ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई। लालू प्रसाद ने खुलकर कहा कि वे इनकी बातें नहीं मानेंगे और पूरे एक सत्र बिहार के युवाओं का कॉलेज बंद रहने के कारण बर्बाद हुआ। आखिकार कइयों ने तो थक हारकर पलायन कर लिया। 

तेजस्वी ने कसा तेजस्वी पर तंज

हम यहां दो अलग अलग तेजस्वी के बारे में बात कर रहे हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव से तो आप परिचित होंगे ही। इसके अलावा बीजेपी बीजेपी के युवा मोर्चा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या को भी बिहार चुनाव में लगाया जा रहा है। वो आगामी सोमवार को ही बिहार पहुंच रहे हैं। तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे लोग बेरोजगारी के बारे में बात कर रहे हैं जिन्होंने कभी नौकरी नहीं की थी और जिन्हें पहली सैलरी मिलने की खुशी मालूम ही नहीं। 

तेजस्वी सूर्या ने उम्मीद जाहिर की कि बिहार के युवा नीतीश कुमार और एनडीए पर ही अपना भरोसा जताएंगे। सूर्या ने कहा कि उनके कई मित्र बिहार से हैं। जो काफी मेहनती हैं, बिहारी युवाओं में कुछ कर गुजरने का माद्दा होता है। 
 

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