एक ऐसा राज्य, जहां नहीं हैं कोरोना के एक भी मरीज, ये है वजह

The state which has no single corona virus case in India - Sakshi Samachar

बच्ची की रिपोर्ट आई निगेटिव

कोरोना का कोई मामला नहीं

बिहार से जोरहाट रेल यात्रा की थी

31 मार्च तक लॉकडाउन लागू

हैदराबाद : पूरी दुनिया जब कोरोना के कहर से हलकान-परेशान है, तब भारत का एक ऐसा राज्य उनके सामने नजीर पेश करता दिख रहा है, जहां अब तक एक भी मरीज कोरोना संक्रमित नहीं पाए गए हैं। जी हां, असम में अब तक कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, प्रदेश सरकार ने वहां भी 31 मार्च के लिए 'लॉकडाउन' लागू कर दिया है।

बच्ची की रिपोर्ट आई निगेटिव

बता दें कि पिछले दिनों असम में एक चार साल की बच्ची के कोरोना संक्रमित होने का मामला सामने आया था, लेकिन जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया कि बच्ची की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इससे उसके परिवार सहित डॉक्टर्स और राज्य सरकार ने भी राहत की सांस ली। असम सरकार के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्व शर्मा ने रविवार को ट्वीट करके यह जानकारी दी। 

कोरोना का कोई मामला नहीं

उन्होंने लिखा, 'कोरोना वायरस के संदेह में जिस साढ़े चार साल की बच्ची की जोरहाट मेडिकल कॉलेज और आरएमआरसी डिब्रूगढ़ में जांच की गई थी, वह टेस्ट में निगेटिव पाई गई है अर्थात् वह कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं है। हमें इस बात की खुशी है कि असम में कोरोना वायरस संक्रमण का अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। इससे पहले यह खबर आई थी कि चार साल की एक बच्ची कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई है। हालांकि, दोबारा इसकी पुष्टि के लिए उसके नमूने को आईसीएमआर भेजा गया। बच्चे और उसके परिवार के साथ-साथ अस्पताल के उन कर्मचारियों को भी अलग कर दिया गया, जिन्होंने उसकी देखरेख की थी।'

बिहार से जोरहाट रेल यात्रा की थी

राज्य के उपायुक्त रोशनी अपारांजी कोराती ने भी रविवार को कहा था कि जोरहाट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई जांच के शनिवार शाम को आए नतीजे में लड़की संक्रमित पाई। तब हमने नमूनों को दोबारा जांच के लिए डिब्रूगढ़ जिले में लाहोवाल की आरएमआरसी प्रयोगशाला में भेजा। लड़की और उसका परिवार जिले के पुलिबोर इलाके में रहता है और पिछले दिनों उन्होंने बिहार से जोरहाट आने के लिए रेल यात्रा की थी। कोराती ने बताया कि परिवार 19 मार्च को जोरहाट आया था और 20 मार्च को स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने दौरे के दौरान लड़की में लक्षण देखे और उसे अस्पताल लाया गया। 

यह भी पढ़ें : 'लॉकडाउन' है अनिवार्य, वरना कोरोना से बचना मुश्किल, जानें क्यों है जरूरी 'लॉकडाउन'?

31 मार्च तक लॉकडाउन लागू
बेशक असम में कोरोना पॉजिटिव मरीज एक भी न पाया गया हो, लेकिन व्हाट्सऐप पर इसे लेकर कई मैसेजेज वायरल हो रहे हैं। ऐसे ही कई झूठे मैसेजेज को लेकर प्रदेश सरकार ने जनता से अपील की कि वे धैर्य रखें और शांति बनाए रखें। हालांकि सोमवार को देश के अन्य राज्यों की तरह पूरे राज्य में 31 मार्च तक लॉकडाउन लागू कर दिया गया है।

प्रकृति के बेहद करीब हैं असम के लोग

हालांकि कोरोना के कारणों को लेकर अब तक कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन चिकित्सकों का मानना है कि कोरोना वायरस के प्रकोप से असम के अब तक बचे रहने के पीछे सबसे बड़ी वजह हो सकती है, वहां के लोगों के रहन-सहन की अलग प्रक्रिया। असम में लोग आज भी प्रकृति के बेहद करीब रहते हैं। वह भी पूरी साफ-सफाई के साथ। अक्सर वहां के लोगों के घरों के बीच एक निश्चित दूरी बनी होती है। ऐसी ही कई वजहें हो सकती हैं कि कोरोना अब तक वहां के लोगों को प्रभावित नहीं कर पाई है।

बहरहाल, देश के अन्य राज्यों में रहने वालों को भी असम से जीने का यह खूबसूरत सलीका सीखना चाहिए। सफाई के साथ रहना और एक-दूसरे से निश्चित दूरी बनाकर रहने की उनकी कला हम सभी के लिए सीखने योग्य है। खासकर इन दिनों, जब कोरोना से बचाव के लिए सरकार भी 'क्वारेंटीन' और 'लॉकडाउन' का सहारा लेने के लिए कह रही है।
- सुषमाश्री

यह भी पढ़ें : कौन है यह अमेरिकी शख्स, जो 2010 से ही जानता था कोरोना के बारे में...​

Advertisement
Back to Top