18 जुलाई को बैठक में तय होगा रामजन्मभूमि ​मंदिर निर्माण की दशा और दिशा, जानिए

RamJanmbhoomi Temple in Ayodhya construction work may be delay - Sakshi Samachar

अयोध्या : उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक 18 जुलाई को होगी। मंदिर निर्माण की रूपरेखा और भूमि पूजन संबंधी विषयों पर मंथन होने की संभावना है। इसके लिए ट्रस्ट के सभी सदस्यों को आमंत्रण भेजा गया है।

ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने बताया, "18 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक अयोध्या में बुलाई गई है। पत्थरों में काई लगने के कारण सफाई का काम चल रहा है।" उन्होंने कहा कि मंदिर की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर साधु-संतों में कोई सवाल नहीं है। मैं 15 दिन में 200 साधु-संतों से मिल चुका हूं। उन्होंने बताया कि समतल की गई भूमि पर लाइनिंग का कार्य हो रहा है। बारिश के कारण लाइन मिट जाती है। अब खूंटे लगा कर मंदिर का सीमांकन हो रहा है। यह काम एलएंडटी कंपनी कर रही है। उन्होंने कहा कि सावन मास में मंदिर निर्माण व भूमि पूजन का बयान काल्पनिक है। मैं भविष्यवक्ता नहीं हूं।

राम मंदिर मंडल के मुख्य शिल्पी चंद्रकांत सोमपुरा के पुत्र आशीष सोमपुरा ने तकनीकी कार्य की जिम्मेदारी संभाल ली है। उन्होंने कार्यशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, "पत्थर बहुत दिनों से पड़े हैं। उसकी सफाई हो रही है। यह बहुत दिनों से पड़े होने के कारण काले पड़ गए हैं। इन्हें नया करके जोड़ा जाएगा। इसकी सफाई का काम हो रहा है।"

रामजन्मभूमि परिसर के बारे में बताया कि वहां पर अभी फाउंडेशन के लिए साल्विंग टेस्टिंग का काम हो रहा है। मंदिर की ऊंचाई बढ़ाने की चर्चा पर उन्होंने कहा, "यह न्यास की बैठक में तय होगा। लेकिन पुराने पत्थरों को समाहित किया जाएगा। मंदिर के पत्थरों की कोटिंग की जाएगी, जिससे यह खराब न हो। कुछ पत्थर ज्यादा पड़े-पड़े खराब हो गए हैं, वे बदले जाएंगे। हालांकि इन पत्थरों की लाइफ अभी 1,000 साल है।"
-आईएएनएस

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