महंगा होगा ट्रेन किराया, एयरपोर्ट की तर्ज पर लगेगा यूजर चार्ज

Railway fare will be costlier says Board Chairman VK Yadav - Sakshi Samachar

महंगा होगा रेलवे में सफर करना

एयरपोर्ट की तर्ज पर देने होंगे शुल्क 

नई दिल्ली: रेलवे के निजीकरण की अफवाहों के बीच राजस्व जुटाने के लिए भारतीय रेल ने तमाम हथकंडे अपनाने शुरू कर दिये हैं। अब रेल में सफर करने के लिए आपको अधिक जेब ढीली करनी पड़ सकती है। रेलवे बोर्ड चेयरमैन और सीईओ विनोद कुमार यादव ने इस बाबत जानकारी दी है। उनके अनुसार जिस तरह एयरपोर्ट्स के लिए शुल्क वसूले जाते हैं। उसी तर्ज पर रेल किराये में भी अतिरिक्त भार जोड़ा जाएगा। हालांकि चुनिंदा स्टेशनों के लिए ही चार्ज लेने का प्रावधान किया जाएगा। 

रेल किराये को लेकर नीति आयोग की भी सहमति

नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने भी रेल किराये को लेकर सैद्धांतिक सहमति दी है। उनके अनुसार भविष्य में प्राइवेट ट्रेनों का किराया बाजार के हिसाब से ही तय होगा। लिहाजा लोगों को ट्रेनों में सफर करना आने वाले समय में महंगा साबित हो सकता है। ये जरूर है कि ट्रेन में अब कुछ बेहतर सुविधाएं भी लोगों को मुहैया हो पाएगी। 

माना जा रहा है कि कुल रेलवे स्टेशनों में करीब 15 फीसदी स्टेशनों के लिए सरचार्ज लगेगा। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 1050 स्टेशनों में यात्रियों के फुटफॉल में इजाफा होगा। फुटफॉल बढ़ने से जो आमदनी होगी उससे स्टेशनों के रखरखाव में खर्च किया जाएगा। इसके अलावा अब बड़े स्टेशनों का पुनर्निर्माण आसान हो पाएगा। देश में भारतीय रेलवे के अधीन करीब 7000 रेलवे स्टेशन हैं। 

रेलवे बोर्ड  के चेयरमैन वीके यादव ने ये नहीं बताया कि यूजर चार्ज कितना लगेगा। उनके मुताबिक इस बारे में इस बारे में अलग से नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। चेयरमैन ने बताया कि यूजर चार्ज की राशि कम ही होगी, लेकिन इससे रेलवे को बड़ी आय होगी। बड़े रेलवे स्टेशनों और भीड़-भाड़ वाले रेलवे स्टेशनों के लिए यूजर चार्ज से जुटाई गई राशि की बदौलत सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा। माना जा रहा है कि यूजर चार्ज ट्रेन की टिकट में ही जोड़ दिया जाएगा। 

नीति आयोग ने प्राइवेट ट्रेनों के बारे में खुलासा किया

नीति आयोग सीईओ अमिताभ कांत के मुताबिक प्रस्तावित प्राइवेट ट्रेनों का किराया बाजार के हिसाब से ही तय होगा। ये जरूर है कि इन ट्रेनों में सुविधाएं अधिक होंगी। पैसेंजर्स को वैल्यू एडेड सर्विसेज मुहैया कराई जाएंगी। निजीकरण के जरिए रेलवे का 30 हजार करोड़ रुपया जुटाने का प्लान है। 

नीति आयोग के सीईओ ने भरोसा दिलाया कि प्राइवेट ट्रेनों के परिचालन का मतलब रेलवे का निजीकरण नहीं है। बल्कि प्राइवेट प्लेयर्स रेलवे के संसाधनों का इस्तेमाल करेंगे। जिससे आने वाले समय में कॉम्पिटीशन बढ़ेगा और रेलवे की सुविधाओं में इजाफा होगा। 

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