बिहार : अब नहीं रहना होगा क्वारंटाइन, हेल्थ डिपार्टमेंट प्रवासियों को दे रहा ये 'कवच'

Quarantine Centre Will Abolish In Bihar For Migrants - Sakshi Samachar

11,581 क्ववारंटाइन सेंटर में रह रहे 5,26,768 लोग

डोर टू डोर जारी रहेगी निगरानी

कुछ जिलों में दी जा रही गर्भनिरोधक गोलियां 

पटना : दूसरे प्रदेशों से बिहार में आने वाले लोग अब क्वारंटाइन सेंटरों में नहीं रखे जाएंगे। सरकार की योजना 15 जून से सभी क्वारंटीन सेंटरों को बंद कर देने की है। इस बीच हालांकि डोर टू डोर स्क्रीनिंग जारी रहेगी और रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल कैंप कार्यरत रहेंगे।

ज्यादातर लोग गंतव्य तक पहुंच चुके
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने बताया कि अब आपदा राहत केन्द्रों की संख्या कम हो रही हैं, क्योंकि ज्यादातर लोग अपने गंतव्य तक पहुंच चुके हैं। बिहार के विभिन्न शहरों में ठेला वेंडर, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक एवं अन्य जरूरतमंद लोगों के भोजन, आवासन एवं उनकी स्वास्थ्य जांच के लिए वर्तमान में 53 आपदा राहत केंद्र कार्यरत है, जिससे लगभग 11,789 लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

11,581 क्ववारंटाइन सेंटर में रह रहे 5,26,768 लोग
उन्होंने कहा, "ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर की संख्या अभी 11,581 है, जिसमें 5 लाख 26 हजार 768 लोग रह रहे हैं। अभी तक ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर में कुल 14 लाख 3 हजार 576 लोग रह चुके हैं, जिसमें से 8 लाख 76 हजार 808 लोग क्वारंटीन की निर्धारित अवधि पूरी कर अपने घर जा चुके हैं।"

डोर टू डोर जारी रहेगी निगरानी
आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी कहते हैं कि बिहार आने वाले अधिकतम लोग वापस आ चुके हैं। 15 जून से क्वारंटँन सेंटर बंद करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि डोर-टू-डोर स्वास्थ्य निगरानी जारी रहेगी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों में कोरोना को लेकर चिकित्सा सुविधाएं मौजूद रहेंगी।

3 मई से ट्रेनों के माध्य से राज्य में आ रहे प्रवासी
उल्लेखनीय है कि राज्य में तीन मई से ट्रेनों से मजदूरों के आने का सिलासिला जारी है। तीन मई के बाद 2,743 प्रवासी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें महाराष्ट्र के 677, दिल्ली के 628, गुजरात के 405, हरियाणा के 237, उत्तर प्रदेश के 149 सहित अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिक शामिल हैं।

स्वास्थ विभाग  बांट रहा कंडोम
राज्य स्वास्थ्य विभाग उन प्रवासी मजदूरों के बीच कंडोम वितरित कर रहा है जो 14 दिन क्वारंटाइन सेंटर में रहकर अपने घर वापस जा रहे हैं। राज्य में क्वारंटाइन सेंटर में कुल 14 लाख 3 हजार 576 लोग अब तक रह चुके हैं, जिसमें से 8 लाख 76 हजार 808 लोग क्वारंटाइन की निर्धारित अवधि पूरी कर अपने घर जा चुके हैं। 

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रवासी मजदूर 14 दिनों तक क्वारंटाइन सेंटर में रहकर घर वापस जा रहे हैं। हम उन्हें जनसंख्या नियंत्रण की सलाह देते हुए कंडोम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसे केवल जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम से जोड़कर देखा जाना चाहिए। इसे कोविड 19 से कोई मतलब नहीं है। 

कुछ जिलों में दी जा रही गर्भनिरोधक गोलियां 
केयर इंडिया के परिवार नियोजन समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि डोर टू डोर स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान पोलियो अभियान के सुपरवाइजरों के द्वारा प्रवासियों को परिवार नियोजन के बारे में भी जानकारी दी जा रही है साथ ही योग्य लाभार्थियों के बीच परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों का वितरण भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी को क्वारंटाइन सेंटरों में 2 पैकेट कंडोम बांटे जा रहे हैं। कुछ जिलों में गर्भनिरोधकों का भी वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्वारंटाइन सेंटरों के जारी रहने तक यह कार्य जारी रहेगा।
 

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