ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित कर पोस्टर चस्पा कर रही उत्तर प्रदेश पुलिस, नहीं मिल रहा सुराग

 UP Police Announced two and a half Lakh reward on Vikas Dubey - Sakshi Samachar

अब ढाई लाख रूपये का इनाम घोषित

भेदियों के साथ होगा अपराधियों जैसा बर्ताव किया

कानपुर : उत्तर प्रदेश की पुलिस विकास दुबे के कुछ खास लोगों को पकड़ने के बाद भी अभी तक उसका सुराग नहीं लगा पायी है। जबकि पुलिस ने अपना सारा तंत्र पिछले चार-पांच दिनों से झोंक रखा है। पुलिस केवल इनाम बढ़ाने का काम कर रही है। कानपुर के बिकरू गांव में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के शातिर अपराधी विकास दुबे पर पुलिस ने अब ढाई लाख रूपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस महानिदेशक ने मुख्यालय स्तर से थाना चौबेपुर जनपद कानपुर में कई संगीन धाराओं और 7 सीएलए एक्ट में वांछित अभियुक्त विकास दुबे पर ढाई लाख का इनाम घोषित किया है। 

मामले की जानकारी देते हुए कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि "हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर पहले 1 लाख रूपये का इनाम था। अब इसे बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दिया गया है। अपराधी की तलाश जारी है।"

उन्होंने बताया कि मोस्टवांटेड विकास दुबे के पोस्टर जगह जगह चस्पा कराए गए हैं। सार्वजनिक स्थानों जैसे रेलवे, बस स्टेशनों और हर थानें चौकी में पोस्टर चस्पा किये गये हैं। पुलिस ने लखनऊ-कानपुर हाईवे पर अजगैन थाना क्षेत्र में टोल प्लाजा के हर बूथ पर इनामी अपराधी विकास दुबे का पोस्टर चस्पा किया गया है। ताकि टोल बूथ पर वाहनों से गुजरने वाले भी उसकी पहचान कर सकें, वहीं टोल बूथों के हर कर्मी को प्रत्येक वाहन में सवार लोगों पर निगाह रखने की सलाह दी गई है।

उधर बिकरू गांव में सीओ समेत आठ पुलिस जवानों की हत्या में अब तक की जांच में तीन पुलिस वाले मुखबिरी के शक में टारगेट पर थे। प्रथम दृष्टता जांच में ड्यूटी में लापरवाही किए जाने पर थाना चौबेपुर के उपनिरीक्षक कुंवर पाल और कृष्ण कुमार शर्मा तथा सिपाही राजीव को एसएसपी दिनेश कुमार पी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक चौबेपुर थाने के पुलिस कर्मियों के साथ ही शिवली, शिवराजपुर व बिल्हौर थाने के 30 पुलिस कर्मियों के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।


आइजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि इस प्रकरण में जो भी पुलिस कर्मी घर का भेदी निकलेगा, उसके खिलाफ अपराधियों जैसा बर्ताव किया जाएगा। उनके खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा और उन्हें जेल भेजने में भी संकोच नहीं होगा।

इससे पहले शनिवार को प्रशासन ने विकास दुबे के बिकरू गांव वाले घर को उसी जेसीबी से ढहा दिया, जिससे उसने पुलिस का रास्ता रोका था। विकास दुबे के घर में बंकर बने हुए थे। जिसमें छह तमंचे, 25 कारतूस ओर दो किलो विस्फोट, कील, 15 जिंदा बम मिले हैं।

लखनऊ विकास प्राधिकरण विकास दुबे के लखनऊ के कृष्णानगर व इंद्रलोक कलोनी स्थित मकान की भी जांच कर रही है। रविवार को मकान की नपाई की गई। वहीं, देर शाम एसटीएफ की टीम ने विकास दुबे की मां सरला, पत्नी अंजली और उनके परिवार के लोगों से पूछताछ की।

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