मोदी ने किया 6-लेन हाइवे का लोकार्पण, कहा- देव दीपावली पर काशी को उपहार

PM Modi Inaugurates 6-lane Highway Says- Gift To Kashi On Dev Diwali - Sakshi Samachar

वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi) अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी ( Varansi) पहुंच गए हैं। सोमवार को एअरपोर्ट पर उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath) ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बटन दबा कर सिक्स लेन का लोकार्पण किया। 73 किलोमीटर का यह मार्ग प्रयागराज ( Prayagraj) व वाराणसी ( Varansi) को जोड़ेगा। दिसंबर 2014 से इस मार्ग का निर्माण कार्य शुरू किया गया था

हर- हर महादेव के संबोधन से की भाषण की शुरूआत
प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले काशी प्रयागराज सिक्स लेन हाइवे का लोकार्पण किया। 2,474 करोड़ रुपयों से 73 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से वाराणसी और प्रयागराज के बीच की दूरी घट जाएगी। हर हर महादेव से मोदी ने संबोधन की शुरूआत की। उन्होंने भोजपुरी में अपने संबोधन की शुरूआत करते हुए सभी को प्रणाम किया। जनसभा स्थल के आसपास के गावों और कस्बों का नाम लेकर सभी का आभार जताते हुए देव दीपावली और गुरु पर्व की शुभकामनाएं दीं।
 

देवदीपावली पर काशी को हाईटेक स्ट्रक्चर का उपहार
पीएम मोदी ने कहा,  देवदीपावली पर काशी को आधुनिक स्ट्रक्चर का एक और लाभ मिल रहा है। इसका लाभ काशी के साथ ही प्रयागराज को भी मिल रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि साल 2013 में मेरी पहली जनसभा इसी मैदान पर हुई थी। तब यहां से गुजरने वाला हाइवे फोर लेन का था। आज बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से हाइवे सिक्स लेन का हो चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देव दीपावली पर बनारस आगमन के पीछे गहरा उद्देश्य छिपा है। कोविड-19 संक्रमण काल में काशी से विश्व को बड़ा संदेश देने की मंशा है। महामारी के बीच उत्सव को कैसे मनाया जा सकता है, पूरा आयोजन इस उद्देश्य में सिमट गया है।

 किसानकृषि सुधार कानूनों पर भ्रम फैलाया जा रहा है : मोदी 
कृषि सुधार कानूनों को लेकर देश में जगह-जगह किसानों के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मामले पर विपक्षी दलों पर करारा हमला करते हुए सोमवार को कहा कि पिछले कुछ समय से एक अलग ही 'ट्रेंड' देखने को मिल रहा है जिसके तहत सरकार के फैसले पर भ्रम फैलाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के खजूरी गांव में छह लेन मार्ग चौड़ीकरण के लोकार्पण अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा, ‘‘सरकारें जब नीतियां बनाती हैं, तो उन्हें समर्थन भी मिलता है, तो कुछ सवाल भी स्वाभाविक है। यह लोकतंत्र का हिस्सा है और भारत में यह जीवन परंपरा रही है, लेकिन पिछले कुछ समय से एक अलग ही ट्रेंड देश में देखने को मिल रहा है। पहले सरकार का कोई फैसला अगर किसी को पसंद नहीं आता था तो उसका विरोध होता था लेकिन बीते कुछ समय से हमें नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है अब विरोध का आधार फैसला नहीं बल्कि भ्रम फैलाकर आशंकाएं फैलाकर उस को आधार बनाया जा रहा है।''

उन्होंने कहा, ''दुष्प्रचार किया जाता है कि फैसला तो ठीक है लेकिन पता नहीं इससे आगे चलकर क्या-क्या होगा। फिर कहते हैं कि ऐसा होगा जो अभी हुआ ही नहीं है, जो कभी होगा ही नहीं, उसको लेकर समाज में भ्रम फैलाया जाता है। ऐतिहासिक कृषि सुधारों के मामले में भी जानबूझकर यही खेल खेला जा रहा है। हमें याद रखना है यह वही लोग हैं जिन्होंने दशकों तक किसानों के साथ लगातार छल किया है।''

एमएसपी पर खरीद बहुत कम की जाती थी
मोदी ने पिछली सरकारों पर प्रहार करते हुए कहा, ''एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) तो घोषित होता था लेकिन एमएसपी पर खरीद बहुत कम की जाती थी, घोषणाएं होती थी, खरीद नहीं होती थी। सालों तक एमएसपी को लेकर छल किया गया है। किसानों के नाम पर बड़े-बड़े कर्ज माफी के पैकेज घोषित किए जाते थे, लेकिन छोटे और सीमांत किसानों तक यह पहुंचते ही नहीं थे यानी कर्ज माफी को लेकर भी छल किया गया किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी योजनाएं घोषित होती थी लेकिन वह खुद मानते थे कि एक रुपए में से सिर्फ 15 पैसे ही किसान तक पहुंचते हैं।''

किसानों को मिले बड़े और व्यापक बाजार का लाभ, इसलिए बनाया गया कानून
प्रधानमंत्री ने कहा, ''सफल प्रकल्प ही काफी नहीं होता। किसानों को बड़े और व्यापक बाजार का लाभ भी मिलना चाहिए। इसलिए विकल्प के माध्यम से किसानों को सशक्त करने का रास्ता अपनाया गया है, किसान हित में किए गए कृषि सुधार ऐसे ही विकल्प किसानों को देते हैं।'' उन्होंने कहा ''भारत के कृषि उत्पाद पूरी दुनिया में मशहूर है। क्या किसान की इस बड़े मार्केट और ज्यादा दाम तक पहुंच होनी चाहिए या नहीं होनी चाहिए, अगर कोई पुराने सिस्टम से ही लेन देन को ठीक समझता है तो उस पर भी इस कानून में कहां कोई रोक लगाई गई है? नए कृषि सुधारों से किसानों को नए विकल्प और नए कानूनी संरक्षण ही तो दिए गए हैं।''

मंडी के बाहर के लेन देन गैरकानूनी माने जाते थे
मोदी ने कहा, ''पहले तो मंडी के बाहर हुए लेनदेन ही गैरकानूनी माने जाते थे। ऐसे में छोटे किसानों के साथ अक्सर धोखा होता था, विवाद होते थे क्योंकि छोटा किसान तो मंडी पहुंच ही नहीं पता था। अब ऐसा नहीं है। अब छोटे से छोटा किसान भी मंडी से बाहर हुए हर सौदे को लेकर कानूनी कार्यवाही कर सकता है, यानी किसान को अब नए विकल्प भी मिले हैं और उसे धोखे से बचाने के लिए कानूनी संरक्षण भी मिला है।'' उन्होंने कहा, ''किसानों को प्रकल्प के साथ ही नए विकल्प देने से हमारे कृषि क्षेत्र का कायाकल्प हो सकता है। किसान के लिए विकल्प सरकार का प्रकल्प और दोनों साथ-साथ चलें तभी देश का कायाकल्प हो सकता है।'' 

 देव दीपावली के खास अवसर पर पहुंचे मोदी पौने सात घंटे रहेंगे। इस दौरान मोदी यहां दो जनसभाओं को संबोधित करने के साथ ही जाह्नवी तट पर अर्ध चंद्राकार घाटों पर सजने वाले दीपोत्सव में शामिल होंगे।दीपदान के बाद पीएम क्रूज के जरिए घंटे भर तक गंगा के दोनों किनारे पर होने वाले दीपदान का नजारा लेंगे। विश्वनाथ मंदिर कारिडोर में हो रहे निर्माण कार्यों का जायजा लेंगे। चेतसिंह घाट के सामने रुक कर यहां रामायण पर आधारित लेजर शो देखेंगे।
 

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