संविदा पर नौकरी के प्रस्ताव पर UP में बवाल, प्रियंका बोलीं- सरकार लाठी से नहीं दबा सकती युवा ललकार

 People Protesting Against UP govt' Proposal Of A mandatory Five-Year contractual service in government jobs resort to stone pelting - Sakshi Samachar

प्रयागराज :  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में समूह ख और ग की नौकरियों को पांच साल की संविदा के प्रावधान संबंधी प्रस्ताव को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। राज्य के कई जिलों में विपक्षी पार्टियां बेरोजगारी के मुद्दे पर अपने-अपने ढंग से प्रदर्शन कर रही हैं।  गुरुवार को प्रयागराज में इस प्रस्ताव के विरोध में छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए। इस दौरान झड़प के बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर प्रदर्शन करने वालों को खदेड़ा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने के साथ कई गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की। 

गुरूवार को प्रयागराज के बालसन चौराहे पर सरकारी नौकरियों में संविदा नियुक्ति के प्रस्ताव का विरोध कर रहे प्रतियोगी छात्रों पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंकने  कर दिए। विरोध प्रदर्शन के दौरान कई वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई।

क्या है वो कानून जिस पर मचा बवाल
कार्मिक विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, समूह ख व समूह ग की भर्तियों में चयन होने के बाद कर्मियों को शुरुआती पांच वर्ष तक संविदा के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। इन पांच सालों में हर 6 महीने में कर्मियों का मूल्यांकन किया जाएगा। साल के अंत तक 60 फीसदी अंक लाने जरूरी होंगे। इन पांच सालों में उन्हें कोई अतिरिक्त लाभ भी नहीं मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत पांच वर्ष बाद ही कर्मचारियों की मौलिक नियुक्ति की जाएगी।

प्रियंका ने बताया काला कानून
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संविदा नीति के खिलाफ सड़क पर उतरकर आवाज उठाई जाएगी। पार्टी की ओर से जारी बयान के मुताबिक प्रियंका ने 2016 की शिक्षक भर्ती के 12460 अभ्यर्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। यह बातचीत प्रियंका गांधी द्वारा हाल ही में शुरू किए गए युवाओं के साथ रोजगार पर संवाद का हिस्सा है। इस संवाद के दौरान प्रियंका ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि युवाओं की बात सुननी पड़ेगी और उनके मुद्दों के लिए हमें सड़क से लेकर सदन तक इन मुद्दों पर लड़ना होगा। कांग्रेस पार्टी इसमें पीछे नहीं हटने वाली।'' 

कांग्रेस का दावा है कि 2016 की शिक्षक भर्ती विज्ञापन में 51 जिलों में पद थे लेकिन 24 जिलों में पद शून्य थे। विगत 3 साल से शून्य जनपद वाले अभ्यर्थी कोर्ट- कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। पार्टी के अनुसार, अभ्यर्थियों ने प्रियंका गांधी को अपनी पीड़ा से अवगत कराया। प्रियंका ने वादा किया वह हरसंभव मदद करेंगी। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘यह हमारे लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं का मसला है। यह न्याय का सवाल है।'' 

प्रियंका ने कहा, ‘‘यह काला कानून है। इस के खिलाफ सड़क पर उतरा जाएगा। हम ऐसी नीति लाएंगे जिसमें युवाओं का अपमान करने वाला संविदा कानून नहीं बल्कि सम्मान के कानून हों।'' 

अखिलेश बोले- सत्ता के बचे चार दिन
दूसरी तरफ, एसपी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी ट्वीट के जरिए योगी सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने लिखा, 'जब जवान भी खिलाफ, किसान भी खिलाफ। तब समझो दंभी सत्ता के दिन अब बचे हैं चार। इससे पहले अखिलेश यादव ने बीते बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि सत्ता में वापसी होती है तो वह सबसे पहले संविदा प्रस्ताव को वापस लेंगे।
 

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