क्या किसान बिल पर विपक्ष की आपत्तियां जायज हैं ? जानें पाठकों की राय

Objections of Opposition On The Farmers Bill Are justified - Sakshi Samachar

हैदराबाद :  केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार किसानों के लिए लेकर आ रहे नए विधेयकों पर विपक्षी दल जमकर विरोध कर रहे हैं। मोदी मंत्रिमंडल में शामिल अकाली दल से मंत्री हरसिमरत कौर ने आज इस्तीफा दे दिया है। इसी विधेयक को लेकर हमने अपने पाठकों से एक सवाल पूछा था। कि क्या किसान बिल पर विपक्ष की आपत्तियां जायज हैं ? । इसपर करीब पांच हजार पाठकों ने अपनी राय दी है। जिसमें 83.3 प्रतिशत लोगों का जवाब नहीं में था। जबकि 12.5 प्रतिशत लोगों का हां में जवाब था। वहीं 4.2 प्रतिशत लोगों जवाब कह नहीं सकते में था। 

कांग्रेस सहित विपक्षी दल कर रहे इन विधेयकों का विरोध

अकाली दल एनडीए का हिस्सा है और उसके कोटे से हरसिमरत केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हैं। इस बिल का विरोध कांग्रेस सहित कई विपक्ष के कई दल कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि इन विधेयकों से जमाखोरी, कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा तथा उद्योगपतियों एवं बिचौलियों को फायदा होगा जबकि किसान बर्बाद हो जाएंगे। जबकि भाजपा का कहना है कि कृषि सुधार के लिए इन विधेयकों को जरूरी बता रही है। 

आप को बता दें कि कृषि से जुड़े तीन अहम विधेयक लोकसभा में चालू मानसून सत्र के पहले ही दिन 14 सितंबर को पेश किए गए जिनमें से आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020 को लोकसभा ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। अब कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक, 2020 और मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा विधेयक, 2020 पर लोकसभा की मुहर लगने का इंतजार है। 

संसद की मंजूरी मिलने के बाद ये तीनों विधेयक कोरोना काल में लाए गए तीन महत्वपूर्ण अध्यादेश की जगह लेंगे। केंद्र सरकार ने पांच जून 2020 को आवश्यक वस्तु (संशोधन) अध्यादेश, 2020, कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश, 2020 और मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा अध्यादेश, 2020 की अधिसूचना जारी की थी।

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