बनारस में मुस्लिम महिलाओं ने उतारी श्रीराम की आरती, मांगी कोरोना से बचाने की दुआ

Muslim Womens Worship Lord ShriRam In Lamhi Villiage Of Varansi - Sakshi Samachar

मुस्लिम महिलाओं ने की भगवान राम की आरती 

महिलाओं ने मास्क पहनकर की भगवान की आरती

कोरोना से बचने को लेकर जागरूक कर रही महिलाएं

वाराणसी :  पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में देश को एकता के सूत्र में बांधने के लिये मुस्लिम महिलायें भगवान श्रीराम की आरती करती आ रही हैं। इस दौरान उन्होंने अपने चेहरे पर  मास्क भी पहने रखा था। आरती के दौरान किसी के हाथ में आरती की थाली थी, किसी ने लोहबान जलाया और किसी ने कपूर। यही नहीं  श्रीराम आरती में भाग लेने वाली महिलाओं ने कोरोना से बचने के उपाय कर लोगों को जागरूक भी किया। बता दें कि तबलीगी जमात के  पूरे देश में अचानक कोरोना में वृद्धि आ गयी है। इसके लिये मुस्लिम महिलाओं ने भगवान श्रीराम से प्रार्थना किया कि इसके प्रकोप से भारत को मुक्त करायें।

उर्दू में लिखे और प्रार्थना के गीत गाकर की आरती 
मुस्लिम महिलाओं ने उर्दू में लिखी श्रीराम आरती और श्रीराम प्रार्थना का गायन किया और संकट मोचक राम भक्त हनुमान चालीसा का पाठ कर इस भयानक संकट से मुक्त कराने के लिये प्रार्थना किया। जिस तरह से भगवान श्रीराम ने राक्षसों के आतंक से भारत भूमि को मुक्त करा दिया था उसी तरह से कोरोना रूपी राक्षस के आतंक से भारत को मुक्त करायेंगे। सभी मुस्लिम–हिन्दू महिलाओं का यह मानना है कि भगवान श्रीराम के धरती पर अवतार लेने के दिन अर्थात् रामनवमी के दिन से ही कोरोना का संकट कम होगा और जल्द ही खत्म हो जायेगा। इसके लिये आवश्यक है कि सामाजिक दूरी बनाई रखी जाये और घरों में रहने की आदत डाली जाये।

तबलिगी के लोगों ने किया वायरस फैलाने का किया अपराध
इस अवसर पर मुस्लिम महिला फाउण्डेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने कहा कि तबलिगी जमात के लोगों ने जो वायरस फैलाने का अपराध किया है उससे भगवान राम ही मुक्ति दिला सकते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ही अधर्म और संकट से मुक्ति का नाम है, भाईचारा को बढ़ाने वाला है और देश को एक सूत्र में बांधने वाला है। रामराज की कल्पना तभी पूरी होगी जब हम सभी भारत के कानून और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बात मानकर कोरोना लॉकडाउन को सफल बनायें। राम का नाम त्याग, लोक कल्याण एवं मोहब्बत का नाम है। इस समय पूरे देश को राम का नाम जपना चाहिये, ताकि घर में रहने और न्यूनतम आवश्यकता में अपनी पूर्ति का धैर्य प्राप्त हो।

 

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