इसलिए सरकार ने नहीं कराई राज्यसभा में वोटिंग, नंबर गेम से गिर सकती थी सरकार..!

Modi Govt did not allow Voting in Rajya Sabha because it may fall on number game - Sakshi Samachar

सरकार के पास पर्याप्त संख्या नहीं

विपक्ष को ही हंगामे के लिए दोषी ठहराया

बहुमत के लिए 122 की जरूरत थी

नई दिल्ली: राज्यसभा में रविवार को कृषि संबंधी दो विवादास्पद विधेयकों को लेकर हुए हंगामे के पीछे कारण क्या नंबर गेम था? यदि कोई विपक्ष की बातों पर विश्वास करता है, तो ऐसा हो सकता है। हालांकि सरकार ने कहा है कि उसके पास विधेयक पास कराने के लिए जरूरी नंबर हैं।

सरकार के पास पर्याप्त संख्या नहीं

हंगामे को लेकर जब सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने राज्यसभा में कहा कि सरकार के पास पर्याप्त संख्या नहीं है इसीलिए उसने कृषि बिल पास करने में अपनी विफलता को छुपाने के लिए अराजकता पैदा की, तो इस आरोप को अस्वीकार कर दिया गया।

विपक्ष को ही हंगामे के लिए दोषी ठहराया

संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि सरकार के पास भले ही विधेयक के समर्थन में 115 सदस्य हैं फिर भी विधेयकों को पारित किया जाएगा। बदले में उन्होंने विपक्ष को ही हंगामे के लिए दोषी ठहराया।

बहुमत के लिए 122 की जरूरत थी

बता दें कि रविवार को हाउस में 2 सीटें खाली होने के बाद कुल संख्या 243 थी, ऐसे में बहुमत के लिए 122 की जरूरत थी। ऐसे में कुछ सहयोगी दल जैसे- बीजद, टीआरएस और एसएडी द्वारा विधेयकों का विरोध करने पर सरकार के लिए स्थिति मुश्किल हो गई थी।

बीजू जनता दल के सांसद प्रसन्ना आचार्य ने बिलों को प्रवर समिति को भेजने की मांग की, जबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति ने बिलों का पूरी तरह से विरोध किया है।

सरकार को कुल 103 सांसदों का समर्थन प्राप्त था

इसे लेकर नंबर गेम की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी के पास 86 सदस्य, जनता दल-यूनाइटेड के 5 और नामित 3 सदस्य थे। बीपीएफ, आरपीआई, एलजेपी, पीएमके, एनपीपी, एमएनएफ, एसडीएफ और 1 निर्दलीय मिलाकर सरकार को कुल 103 सांसदों का समर्थन प्राप्त था।

विपक्ष के पास 107 विधायक थे

लेकिन कांग्रेस के दावे के मुताबिक विपक्ष के पास 107 विधायक थे। इसमें कांग्रेस के 40, आप के 3, टीएमसी के 13, बीएसपी के 4, एसपी के 8, वाम दल के 6, डीएमके के 7 हैं। इसके अलावा राजद, राकांपा और एसएडी और अन्य क्षेत्रीय दलों के सदस्य भी हैं।

बीजेडी के 9 और टीआरएस के 7 सदस्य

ऐसे में इन विधेयकों के पारित होने के लिए गैर-एनडीए और गैर-यूपीए पार्टियां महत्वपूर्ण थीं। इनमें बीजेडी के 9 और टीआरएस के 7 सदस्य हैं। इसमें वाईएसआरसीपी और एआईएडीएमके आदि के सदस्य भी शामिल हैं।

सरकार को विधेयकों को पारित करना पड़ा

सत्तारूढ़ दल ने कहा कि कई विपक्षी सांसद उपस्थिति में नहीं थे और इसलिए सरकार को विधेयकों को पारित करना पड़ा। लेकिन विपक्ष ने कहा कि बीजद, टीआरएस और 19 सदस्यों वाले अकाली दल ने कृषि विधेयकों को रोक दिया है।

बता दें कि रविवार को उच्च सदन में जमकर हंगामा हुआ था, जिसके चलते सभापति एम. वेंकैया नायडू ने 8 सदस्यों को निलंबित कर दिया था।
-आईएएनएस

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