बीच सड़क मंत्री के बेटे ने महिला पुलिसकर्मी से की बदतमीजी, कॉन्स्टेबल ने ऐसे निकाली सारी 'हेकड़ी'

Lady Constable Sunita Yadav Slams MLA Son for violating Curfew rule in Gujarat - Sakshi Samachar

बिना मास्क टहल रहे थे मंत्री के बेटे के दोस्त

मना करने पर मंत्री के बेटे ने दी महिला कॉन्स्टेबल को धमकी

गुजरात के सूरत की यह घटना सोशल मीडिया पर हुई वायरल

सूरत : सत्ता की हनक जब सिर चढ़कर बोलती है तो आदमी को सही और गलत का फर्क पता नहीं चलता। पिता जब सरकार में मंत्री हो तो भला बेटे को किसका डर। कानून को वह अपनी जेब में रखकर चलता है। एक महिला कॉन्स्टेबल ने जब कुछ लोगों को बिना मास्क लगाये घूमने से मना किया तो लड़कों ने अपने रसूख का इस्तेमाल किया और मंत्री के बेटे को जो उनका दोस्त था, उसे बुला लिया। उसके बाद शुरू हुआ असली खेल।

दरअसल,  गुजरात के एक मंत्री के बेटे और उसके दोस्तों तथा एक महिला पुलिसकर्मी के बीच तीखी बहस का ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर फैल गया है। मंत्री के पुत्र और उसके मित्रों ने लॉकडाउन का कथित रूप से उल्लंघन किया था और टोके जाने पर महिला पुलिसकर्मी को ‘धमकी' दी। सूरत के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि इस घटना की जांच का आदेश दिया गया है। 

इस ऑडियो में कांस्टेबल सुनीता यादव तथा वराछा रोड के विधायक एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री कुमार कनानी के बेटे प्रकाश एवं उसके दोस्तों की आवाज सुनाई दे रही है। सहायक पुलिस आयुक्त (विशेष शाखा) पी एल चौधरी ने बताया कि यह कथित घटना बुधवार की रात यहां मनगढ़ चौक पर करीब साढ़े दस बजे हुई। चौधरी ने कहा, ‘‘ यह ऑडियो क्लिप सूरत के पुलिस आयुक्त (आर बी ब्रह्मभट्ट) के संज्ञान में आया। 

उन्होंने सहायक पुलिस आयुक्त (ए -डिवीजन) सी के पटेल को जांच करने को कहा। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।'' ऑडियो में कांस्टेबल से लोग यह कहते हुए सुनाई देते हैं कि ‘आपको इसी जगह 365 दिनों के लिए खड़ा करने की' उनके पास ताकत है। 

कांस्टेबल चिल्लाते हुए कहती हैं कि वह उनकी दास या उनके पिता की सेवक नहीं हैं कि वे उन्हें 365 दिनों के लिए खड़ा कर सकते हैं। तब वह यह सूचना देने के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारी को कॉल करती हैं कि कोरोना वायरस के चलते लगाये गये कर्फ्यू के दौरान रात दस बजे के बाद बिना मास्क लगाये कार से घूम रहे लोगों को उन्होंने जब रोका तब उन्होंने प्रकाश को बुला लिया। 

महिला कांस्टेबल को यह कहते सुना जा सकता है कि जब प्रकाश वहां पहुंचा तो उन लोगों ने उन्हें धमकी दी और बदतमीजी की। हालांकि मंत्री ने दावा किया कि उनका बेटा कोरोना वायरस का इलाज करा रहे अपने ससुर को देखने सिविल अस्पताल जा रहा था क्योंकि उनकी हालत नाजुक थी, उसी बीच कांस्टेबल ने उसे रोका। बताया जा रहा है कि विभाग की कार्यप्रणाली से नाराज होकर सुनीता यादव ने इस्तीफा दे दिया है।

मंत्री ने कहा, ‘‘उसने जाने देने का अनुरोध किया। उन्होंने दलील दी कि वाहन पर विधायक क्यों लिखा है। तब उसने कहा कि यह उसके पिता का वाहन है। फिर उन्होंने (महिला कांस्टेबल ने) सवाल किया कि वह मेरी गाड़ी में क्यों है। मैं मानता हूं कि उन्हें यह समझने की कोशिश करनी चाहिए थी कि मेरा बेटा क्या कह रहा है। मैं मानता हूं कि दोनों पक्षों को एक दूसरे को समझना चाहिए था।'' 

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