जानें आखिर क्यों विपक्ष के नेता भी करते थे वाईएस राजशेखर रेड्डी का सम्मान, ऐसा था उनका व्यक्तित्व

know why opposition leaders also respected YS Rajasekhara Reddy - Sakshi Samachar

दिवंगत मुख्यमंत्री YS राजशेखर रेड्डी का व्यक्तित्व

लोकप्रिय व जननेता नेता थे YS राजशेखर रेड्डी

विपक्ष के नेता भी करते थे YS राजशेखर रेड्डी का सम्मान 

हैदराबाद :  जहां कुछ नेता अपने स्वार्थ के लिए राजनीति करते हैं वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो स्वार्थ को परे रखकर जन-कल्याण के लिए राजनीति में आते हैं और ऐसे ही नेता किसी राज्य विशेष में नहीं बल्कि लोगों के दिलों में राज करते हैं।  ये सारी बातें बिलकुल फिट बैठती है डॉ वाईएस राजशेखर रेड्डी पर जो लोगों के नेता थे और उन्हीं के कल्याण के लिए काम करते थे। एकीकृत आंध्र प्रदेश के गठन के बाद से लेकर अब तक यदि कोई बेस्ट सीएम की बात करता है तो 64 प्रतिशत लोग दिवंगत नेता वाईएस राजशेखर रेड्डी का  ही नाम लेते हैं।     

बेस्ट सीएम के रूप में याद किए जाते हैं YSR

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत डॉ राजशेखर रेड्डी को आज भी सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री के रूप में ही याद किया जाता है क्योंकि वे सादगी से रहते थे और उन्होंने कभी खुद को जनता से अलग नहीं समझा। इतना ही नहीं, उनकी कथनी और करनी में भी कोई फर्क नहीं था। यही बात उन्हें दूसरे नेताओं से अलग भी करती है। वे राजनीति में रहकर भी घटिया राजनीति से परे थे जैसे कीचड़ में कमल।

सादगी ही था  उनका स्टाइल

राजशेखर रेड्डी के व्यक्तित्व की खास बात ये थी कि उनकी सोच व विचार तो बिलकुल आधुनिक थे, पर उनका पहनावा बिलकुल परंपरागत भारतीय स्टाइल का था। वे धोती व शर्ट पहनकर जनता के बीच ऐसे जाते जैसे कि कोई आम आदमी। उनका यही सादगी भरा स्टाइल जनता को भाता। वे जनता से उनकी समस्याएं भी बड़े आराम से पूछते और फिर उन समस्याओं को सुलझाते। वे खुद को जनता का हिस्सा ही समझते थे।

वादों को पूरा करने के लिए जाने जाते थे  YSR

डॉ राजशेखर रेड्डी न तो दिखावा व बनावटीपन दिखाते और न ही ऐसे लोगों को पसंद करते। उन्हें खोखली बातों पर विश्वास नहीं था और वे जनता से जो वादे करते उन्हें किसी भी तरह पूरा करने में विश्वास करते थे। उन्होंने पदयात्रा के दौरान लोगों को जो आश्वासन दिये थे, उन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद पूरा किया। किसानों को सिंचाई के लिए 9 घंटे मुफ्त बिजली आपूर्ती की। यही उनका पहली फाइल पर पहला हस्ताक्षर किया।

खास मुस्कुराहट से दिल जीत लेते थे 

वे हमेशा सबसे मुस्कुराकर मिलते थे। वे किसानों के हितैषी व शुभ चिंतक रहे। उनका मानना था कि जो किसान सबके लिए अन्न उगाता है उसकी समस्याओं को सबसे पहले दूर किया जाना चाहिए।

किसान प्रिय नेता थे 

अपने शासनकाल में उन्होंने किसानों के लिए कई योजनाएं ऐसी भी शुरू की जिसने उन्हें लोकप्रिय बना दिया। वे किसानों का सम्मान करते थे क्योंकि किसान ही सबके अन्नदाता हैं। किसानों को मुफ्त बिजली देने का काम उन्होंने सबसे पहले किया। इतना ही नहीं वे अपने कैंप आफिस में हर सुबह जनता से मिलकर उनकी समस्याएं भी जानते और उनका समाधान करने का आदेश अधिकारियों को भी देते।

गांवों के विकास पर ध्यान दिया 

वे जानते थे कि गांवों के विकास से ही राज्य को विकास हो सकता है तो उन्होंने गांव को कभी हाशिये पर रखने की गलती नहीं की और उनकी यही बात जनता को बेहद प्रिय थी।

महात्मा गांधी के वाक्यों से प्रेरणा लेकर वाईएस जगन ने प्रजा संकल्प यात्रा को सार्थक किया है। महात्मा गांधी के वाक्य हैं कि राजनीतिक नेता को गांवों में जाना चाहिए, उनके जीवनयापन को समझने का प्रयास करना चाहिए, उनके सुख-दुख और समस्याओं की जानकारी लेनी चाहिए। तब कहीं जाकर लोकतंत्र की व्याख्या सही मायने में सार्थक होती है।

महात्मा गांधी के उस वाक्य को वाईएसआर ने सार्थक बनाया। दिवंगत वाईएसआर मुख्यमंत्री बनने से पहले 1,460 किमी पदयात्रा कर गांवों के लोगों से रू-ब-रू हुये और राजनीति में बड़ी सफलता हासिल की। इसी तर्ज पर वाईएस जगन ने 3,648 किमी लंबी पदयात्रा करके राजनीति में ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

वाईएसआर का विपक्ष के नेता भी सम्मान करते थे 

दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएसआर के समय जो एकीकृत आंध्र प्रदेश में कांग्रेस की मजबूत स्थिति थी वह उनके निधन के इतने समय बाद अब भी फिर से नहीं बन पाई है। इस बात को अन्य पार्टियों के साथ ही खुद कांग्रेस ने भी माना है। 

- सीपीआई-एम के नेता सीताराम येचुरी ने कहा था... वे एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री थे और राज्य में कई कल्याणकारी योजनाओं के लिए जाने जाते थे। 

- रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वाईएसआर के निधन पर कहा था ...वे मिट्टी के बेटे थे और समाज के गरीब और अन्य कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए विशेष चिंता करते थे। वह एक ऐसे नेता थे जो विकास और सुशासन के माध्यम से लोगों की सेवा करने में विश्वास करते थे।

राजनाथ सिंह ने तब कहा था कि दिवंगत नेता के सम्मान के रूप में, भाजपा का झंडा पार्टी मुख्यालय में आधे मस्तूल पर उड़ेगा। पार्टी के नेताओं ने कहा था कि यह संभवत: पहली बार हुआ कि विरोधी दल के नेता के निधन के बाद पार्टी का झंडा आधे मस्तूल पर फहराया।

तो यह थे दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी जिनका उनकी पार्टी के नेताओं के साथ ही विपक्ष के नेता भी यूं सम्मान करते थे। 

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