बीजेपी ने दिल्ली समेत तीन राज्यों के अध्यक्ष बदले, जानिए कौन-कौन हैं ये...

Know who is Adesh Gupta, who defeated Manoj Tiwari and took over the chair of Delhi BJP President - Sakshi Samachar

मनोज तिवारी नहीं, आदेश गुप्ता हैं अब दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष

विष्णुदेव साय को सौंपी गई छत्तीसगढ़ की कमान

एस टिकेंद्र सिंह को मिली मणिपुर बीजेपी अध्यक्ष की कुर्सी

नई दिल्ली : कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बीच दिल्ली बीजेपी को अपना नया अध्यक्ष मिल गया है। इस बाबत पार्टी महासचिव अरुण सिंह की ओर से आधिकारिक लेटर जारी कर दिया गया है। मंगलवार को आदेश कुमार गुप्ता को पार्टी नेतृत्व की ओर से यह जिम्मा सौंपा गया, जबकि इससे पहले मनोज तिवारी दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष थे।

मनोज तिवारी का गिरा विकेट

मालूम होता है कि बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा दिल्ली में करारी हार के बाद ऐसे ही किसी मौके की तलाश में थे। तभी तो उन्होंने इतने बड़े फैसले के लिए ऐसा मौका चुना] जब मनोज तिवारी को लॉकडाउन तोड़ने के जुर्म में जेल जाना पड़ा। दरअसल, सोमवार को तिवारी समेत बीजेपी के कई नेताओं ने राजघाट पर दिल्ली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।

क्यों हुआ यह बदलाव?

गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव हारने के महज चार महीने बाद बीजेपी ने मनोज तिवारी की प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी छीन ली है। ज​बकि पिछले तीन महीनों से तो देश में कोरोना के कहर ने सबकुछ लॉकडाउन कर रखा था। इसके फौरन बाद अनलॉक-1 में ही मनोज तिवारी को अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ा। पार्टी के इस फैसले को सीधे-सीधे दिल्ली में हार से जोड़ा जा रहा है। साथ ही दिल्ली में आने वाले एमसीडी चुनावों को भी इसका कारण बताया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ और मणिपुर में भी बदले गए अध्यक्ष

इसके अलावा छत्तीसगढ़ के बीजेपी अध्यक्ष को भी हटा दिया गया है। उनकी जगह पर विष्णुदेव साय को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। मणिपुर में भी नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की गई है। अब एस टिकेंद्र सिंह के हाथों में मणिपुर बीजेपी की कमान दी गई है। तीनों प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर हुई। दिल्ली और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था।

लॉकडाउन के बहाने गई कुर्सी

दिल्ली में बीजेपी को आम आदमी पार्टी (आप) के हाथों करारी हार झेलनी पड़ी थी, जबकि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बीजेपी को हराया था। इसके बाद दोनों प्रदेशों के बीजेपी चीफ को हटाने की सुगबुगाहट थी। हालांकि, दिल्ली चुनाव के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन तब उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया था। इस बीच मनोज तिवारी का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह लॉकडाउन का उल्लंघन करते देखे गए। इसके बाद मनोज तिवारी को पद से हटा दिया गया है।

दिल्ली एमसीडी चुनाव के लिए हुआ बदलाव

आदेश कुमार गुप्ता की पहचान जमीनी नेता के रूप में होती है। वह पश्चिम पटेल नगर के पार्षद हैं। इसके अलावा नॉर्थ दिल्ली के मेयर भी रह चुके हैं। माना जा रहा है कि आदेश गुप्ता को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपने के बाद बीजेपी अब अपना पूरा फोकस एमसीडी चुनाव पर करने वाली है।

जानें कौन हैं आदेश गुप्ता, जिन्होंने मनोज तिवारी को पछाडकर संभाली दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष की कुर्सी

आदेश गुप्ता दिल्ली की जमीनी राजनीति से जुड़े हुए नेता के तौर पर जाने जाते हैं। वह पार्षद रह चुके हैं। इसके अलावा नॉर्थ दिल्ली के मेयर भी रह चुके हैं। यानि दिल्ली की सियासत में उनका तजुर्बा काफी  है। हालांकि, आदेश गुप्ता मनोज तिवारी की तरह चर्चित चेहरा नहीं हैं।

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आदेश गुप्ता वेस्ट पटेल नगर से पार्षद रहे हैं। इसके साथ ही NDMC स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी रहे हैं। दिल्ली बीजेपी में काफी लंबे समय बाद बदलाव किया गया है। मनोज तिवारी को 2016 में बीजेपी की कमान सौंपी गई थी। 2017 में बीजेपी ने मनोज तिवारी के नेतृत्व में एमसीडी चुनाव जीता था। हालांकि, इसी साल फरवरी में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा।

लोकसभा सांसद और कलाकार के रूप में मनोज तिवारी काफी चर्चित चेहरा हैं, तिवारी की जगह लेने वाले आदेश गुप्ता दिल्ली के जाने—माने राजनीतिक चेहरों में भी शुमार नहीं किए जाते। इसके बावजूद तमाम बड़े नामों को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने पार्टी में अपनी खास जगह बना ली थी, जिसे देखते हुए मनोज तिवारी की जगह उन्हें दिल्ली की कमान सौंप दी गई है।

कौन हैं विष्णुदेव साय

वहीं, छत्तीसगढ़ में पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय को बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया है। विष्णुदेव साय पहले भी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले 2006 से 2009 और फिर 2013 तक पार्टी की कमान उनके हाथ में रही। विष्णुदेव साय आदिवासी हैं।

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