Navy Day : भारतीय नौसेना से यूं हीं खौफ नहीं खाते दुश्मन, जानिए क्या है नेवी की ताकत

Know the Indian Navy history and its strength on Indian Navy Day - Sakshi Samachar

विश्व रैंकिंग चौथे स्थान पर भारतीय नौसेना

मराठा शासन काल में हुई थी स्‍थापना

नई दिल्ली: हर साल हर साल देश में 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस  (Indian Navy Day) मनाया जाता है। इस दिन भारतीय नौसेना की उपलब्धियों को याद किया जाता है। 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। इस उपलब्धि की याद में इस दिन भारतीय नौसेना जश्न मनाती है। 

वर्तमान में भारतीय नौसेना अपने विशालकाय और एडवांस फीचर से लैंस युद्धक पोतों, सबमरीन्स के बलबूत दुनिया भर में चौथे स्थान पर आती है। यही वजह है कि भारत के पड़ोसी देश हमारी नेवल स्ट्रेंथ से खौफ खाते हैं। 

भारतीय नौसेना की ताकत
भारतीय नौसेना विश्व रैंकिंग चौथे स्थान पर है। 285 जहाज भारतीय नौसेना के पास हैं। इसके अलावा एक एयरक्राफ्ट कैरियर 13 फ्राइगेट्स, 10 विध्वंसक पोत, 19 कोर्वेट्स, सबमरीन्स की संख्या 16 है। वहीं, निगरानी जहाजों की संख्या 139 और 3 माइन वारफेयर है। 

क्यों मनाया जाता है ये दिवस
पाकिस्तानी सेना ने 3 दिसंबर 1971 को हमारे हवाई क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र में हमला बोल दिया था। जवाबी कार्रवाई में भारत ने  'ऑपरेशन ट्राइडेंट' चलाया था। इसी के साथ 1971 के युद्ध की भी शुरुआत हुई थी। तब भारत ने पाकिस्तानी नौसेना के कराची स्थित मुख्यालय को निशाना बनाया था। यह हमला इतना जबरदस्त था कि कराची बंदरगाह पूरी तरह बर्बाद हो गया था और इससे लगी आग सात दिनों तक जलती रही थी। भारत के इस हमले ने पाकिस्तानी सेना की कमर तोड़ दी थी। इस युद्ध में सफलता हासिल करने वाली भारतीय नौसेना की ताकत और बहादुरी को याद करते हुए हर वर्ष 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस मनाया जाता है। 

भारतीय नौसेना की ओर से किए गए इस हमले में 3 विद्युत क्‍लास मिसाइल बोट, 2 एंटी-सबमरीन और एक टैंकर शामिल थे। इस युद्ध में पहली बार जहाज पर मार करने वाली एंटी शिप मिसाइल से हमला किया गया था। इस हमले में पाकिस्तान के कई जहाज नेस्‍तनाबूद कर दिए गए थे। इस दौरान पाकिस्तान के ऑयल टैंकर भी तबाह हो गए थे।

मराठा शासन काल में स्‍थापना
भारतीय नौसेना की स्‍थापना मराठा शासन काल में हुई थी। महाराज छत्रपति शिवाजी भारतीय नौसेना के पितामह हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज को 'फादर ऑफ इंडियन नेवी' कहा जाता है। शिवाजी से पहले मराठा शासन ने 1674 में नेवी फोर्स को स्‍थापित करने का काम किया था। छत्रपति शिवाजी ने कोंकण और गोवा में समंदर की रक्षा के लिए एक मजबूत नेवी की स्‍थापना की  थी। इसके बाद भारत की आजादी के बाद 1950 में नौसेना का गठन फिर से हुआ और इसे भारतीय नौसेना नाम दिया गया।

भारतीय नौसेना की सराहना 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नौसेना दिवस पर भारतीय नौसेना की सराहना की और कहा कि वह निडरता के साथ देश के तटों की रक्षा करती है साथ ही जरूरत पड़ने पर मानवीय सहयोग भी प्रदान करती है। मोदी ने ट्वीट किया,‘‘हमारे सभी पराक्रमी नौसैन्य कर्मियों और उनके परिवारों को नौसेना दिवस की शुभकामनाएं।  भारतीय नौसेना निडरता के साथ हमारे तटों की रक्षा करती है और जरूरत पड़ने पर मानवीय सहयोग भी प्रदान करती है। हम सदियों से चली आ रही भारत की समृद्ध समुद्री परंपरा को भी याद करते हैं।

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