जानिए तबलीगी जमात के जरिए कैसे फैला देशभर में कोरोना, लोगों ने लौटा दी थी एंबुलेंस

Know About Nizamuddin Tablighi Jamaat Corona Infection - Sakshi Samachar

निजामुद्दीन इलाके में कोरोना के दो संदिग्ध मरीज मिले थे

तबलीगी जमात के मरकज में जुटे थे एक हजार से ज्यादा लोग

अब तक यहां से गए 10 लोगों की हो चुकी मौत, कई संक्रमित

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से एक ऐसी खबर आई, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस इलाके में सैंकड़ों लोगों के कोरोना संक्रमित होने की बात सामने आई है। यहां से गए तेलंगाना के छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि जम्मू-कश्मीर एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। यह सब तबलीगी जमात के मरकज (सेंटर) के एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे।

18 मार्च को यहां एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें 1000 से भी अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था, जिसमें विदेशी लोग भी थे। अब पता चला है कि इनमें से करीब 300 लोगों को कोरोना हो सकता है, जिन्हें दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में एहतियातन भर्ती किया गया है। 10 लोगों की मौत भी हो चुकी है। 

क्या लोगों ने लौटा दी थी एंबुलेंस
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दो दिन पहले ही निजामुद्दीन इलाके में कोरोना के दो संदिग्ध मरीज मिले थे। उनमें कोविड-19 के लक्षण दिखे। प्रशासन को जैसे ही इस बात की जानकारी हुई, तुरंत वहां पर डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस भेजा गया, लेकिन लोगों ने विरोध करते हुए एंबुलेंस वापस लौटा दी। सोमवार की देर शाम अब इस पूरे इलाके में तब हड़कंप मच गया जब पता चला कि यहां पर कोरोना पॉजिटिव मिले हैं वो भी इतनी बड़ी तादात में।

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क्या है तबलीगी जमात 
तबलीगी जमात की स्थापना 1926-27 में की गई थी। मुगल काल में जब लोगों का इस्लामीकरण शुरू हुआ तो आर्य समाज द्वारा फिर उन लोगों का शुद्धिकरण कर उन्हें हिन्दू धर्म में प्रवेश कराने की शुरूआत की गई। इसी के मद्देनजर मौलाना इलियास कांधलवी ने मुसलमानों के बीच इस्लाम की शिक्षा देने के लिए तबलीगी जमात की स्थापना की।

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