कर्नाटक में 1 जून से खुलेंगे मंदिर, 52 मंदिरों में कल से ऑनलाइन सेवा बुकिंग होगी शुरू

Karnataka To Open Temples from June First Tickets Can Book Online - Sakshi Samachar

भक्तों को फॉलो करना होगा सोशल डिंस्टेंसिंग

52 मंदिरों में बुधवार से ऑनलाइन बुकिंग शुरू

बेंगलुरु : दो महीने के लॉकडाउन के बाद कर्नाटक में मंदिरों के कपाट खुलने वाले है। इस बात की जानकारी मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी ने दी है। पुजारी ने बताया, कर्नाटक सरकार ने 1 जून से मंदिर खोलने का फैसला किया है, लेकिन एसओपी का पालन करना होगा। जल्द ही सरकार इसके दिशा निर्देश जारी करेगी। 31 मई तक सभी जरूरी तैयारियां कर ली जाएंगी। इसके अलावा कल से 52 मंदिरों में ऑनलाइन सेवा बुकिंग शुरू की जाएगी।

भक्तों ने की प्रार्थना के लिए मंदिर खोलने की मांग
मंत्री के मुताबिक , ट्रेनों, उड़ान सेवाओं, वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है, और होटल जल्द ही फिर से शुरू होने की संभावना है, कई भक्त प्रार्थना करने के लिए मंदिरों को खोलने की मांग कर रहे हैं। "मंदिरों को पूजा और दैनिक अनुष्ठानों की पेशकश के लिए खोला जाएगा, हम मंदिर के मेलों और कार्यक्रमों की अनुमति नहीं दे रहे हैं।" 

राज्य में 34000 मंदिर धर्मस्व विभाग के अंतर्गत
राज्य में 34,000 से अधिक मंदिर हैं जो धर्मस्व विभाग के अंतर्गत आते हैं। हालांकि मंदिरों में दैनिक पूजा और अनुष्ठान होते हैं, लेकिन अभी वे सार्वजनिक रूप से खुले नहीं हैं,क्योंकि कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगा हुआ है। 

सोशल डिंस्टेंसिंग को करना होगा फॉलो
अधिकारियों ने हाल ही में बताया था कि विभाग एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) करने की योजना बना रहा है, जिसे पोस्ट लॉकडाउन परिदृश्य में मंदिरों में पालन करने की आवश्यकता होती है। मंत्री पुजारी ने कहा कि ''सभी मंदिरों को खोला जाएगा और कोरोना से बचने के लिए  1 जून से पहले सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, "मैं अधिकारियों के साथ चर्चा करूंगा और यह तय करूंगा कि क्या उपाय किए जाएं ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।"

भक्त करा सकेंगे ऑनलाइन बुकिंग
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के चुनिंदा 52 मंदिरों में कल से ऑनलाइन बुक किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूजा और आरती जैसे मंदिरों में सभी अनुष्ठान परंपराओं के अनुसार जारी रहेंगे, लेकिन भक्तों द्वारा बुकिंग अब से ऑनलाइन की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सेवा की ऑनलाइन बुकिंग के लिए ऐसी सुविधाएं कुछ मंदिरों में पहले से ही उपलब्ध हैं और काफी लोकप्रिय हैं।

हाल ही में हिंदू धार्मिक संस्थानों के कमिश्नर और धर्मार्थ बंदोबस्तों ने 15 जिलों के डिप्टी कमिश्नरों, 'ए' '' ग्रेड मंदिरों के कार्यकारी अधिकारियों और प्रशासकों को भी लिखा था कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के तहत मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले सामानों की जानकारी ले सकते हैं और वे कौन से विकल्प हो सकते हैं। श्रद्धालुओं के लिए अग्रिम बुकिंग ऑनलाइन करने की व्यवस्था है।

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