कोरोना वायरस से जंग : जब मास्क नहीं मिला तो इन लोगों ने अपनाया ये देशी जुगाड़

Kanker Tribals Adopted Native Jugaad For Coronavirus - Sakshi Samachar

आज रात 12 बजे से संपूर्ण देश में लॉकडाउन

21 दिनों का संपूर्ण देश में कर्फ्यू

छत्तीसगढ़ में आदिवासी अपना रहे देशी जुगाड़

कांकेर : पीएम नरेंद्र मोदी ने दोबारा मंगलवार को देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। रात 12 बजे से संपूर्ण देश में लॉकडाउन किया जा रहा है। यह लॉकडाउन 21 दिन का होगा जो कि कोरोना के सर्किल को तोड़ने के लिये बेहद जरूरी है। लिहाजा पूर तरह संयम रखते हुए इस बंधन को स्वीकार करें ।

वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए बगैर मास्क लगाए ​नहीं निकलने की सलाह दी। लेकिन दूरस्थ इलाकों में मास्क की उपलब्धता नहीं है। ऐसे में कांकेर के आमाबेड़ा जैसे दूरस्थ इलाके के ग्राम कुरूटोला से जागरूकता की मिसाल सामने आई है। यहां के ग्रामीण व आदिवासियों ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशी तरीका अपनाया है। उन्होंने पेड़ के पत्तों से ही मास्क बना लिया है और उसका इस्तेमाल कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि आसपास कोई अस्पताल भी नहीं है। जिससे ग्रामीणों ने ये देशी जुगाड़ अपनाया है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य व जिलों की सीमाएं भी सील कर दी गई हैं।  

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य में लॉकडाउन और धारा 144 लगने के बाद भी लोग सड़कों पर निकल रहे हैं। ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस सख्त रवैया अपना रही है। रायपुर में मंगलवार को पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लोगों को जबरन घर भेजा। इसके अलावा गौरेला पेंड्रा मारवाही में कलेक्टर खुद डंडा लेकर सड़क पर लोगों को समझाते नजर आईं।
 

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