बिहार की बेटी ज्योति की मुरीद हुईं इवांका ट्रंप, 1200 KM साइकिल चलाकर पिता को पहुंचाया था गांव

Ivanka Trump Praises Bihar Girl Jyoti Kumari - Sakshi Samachar

नई दिल्ली :  कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में अभी भी लॉकडाउन जारी है। सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदियों के दौरान कई ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जो न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी सुर्खियां बनी हैं। उन्हीं में से एक हैं बिहार की ज्योति कुमारी, जिनके जज्बे की तारीफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने की है।

लॉकडाउन के बीच अपने पिता को साइकिल पर बिठाकर गुरुग्राम से बिहार के दरभंगा जाने वाली ज्योति कुमारी की इच्छाशक्ति की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ने ज्योति कुमारी को लेकर ट्वीट किया है। इवांका ने ट्विटर पर ज्योति कुमारी की खबर को शेयर किया और भारतीयों की सहनशीलता को सराहा है।

हाल ही में सोशल मीडिया पर 15 साल की ज्योति कुमारी ने लोगों का ध्यान खींचा है क्योंकि उसने अपने पिता को साइकिल के पीछे बैठकर सात दिन में 1200 किलोमीटर का सफर तय किया। 

जब लॉकडाउन लागू हुआ तो ज्योति कुमारी गुरुग्राम में फंसी थीं। उनके पिता ऑटो रिक्शा ड्राइवर हैं, लेकिन चोटिल हो गए थे। इसी बीच लॉकडाउन के कारण उनके पास आय के साधन भी नहीं बचे थे। इसी कारण ज्योति ने अपने पिता को साइकिल पर बैठा कर 1200 किलोमीटर का सफर तय किया और बताया जाता है कि वे 16 मई को अपने गांव पहुंचे।

इस समय प्रवासी मजदूरों की लॉकडाउन के कारण घर वापसी की कई खबरें देखी जा सकती हैं। इसी तरह ज्योति कुमारी की इस खबर ने भारतीय साइकिलिंग महासंघ (सीएफआई) का ध्यान अपनी तरफ खींचा। अब इस लड़की को ट्रायल के लिए बुलाया गया है ताकि वो आईजीआई स्टेडियम में राष्ट्रीय साइकिलिंग अकादमी में ट्रेनिंग कर सके।

यह भी पढ़ें :

शादी की खुशी में साइकिल पर दुल्हन को बिठा सैकड़ों किमी दूर गांव पहुंचा दूल्हा

साइकिल पर जुगाड़ से बंधा बोरा, बोरे में बैठी दिव्यांग बेटी, रुला देगी मजदूर के मजबूरी की ये दास्तां

सीएफआई चेयरमैन ओंकार सिंह ने कहा, "हमने ज्योति कुमारी से बात की। हम उन्हें जल्द से जल्द बुलाने के बारे में सोच रहे हैं। वह तैयार हैं लेकिन अभी तो वह क्वारंटाइन में हैं।" सिंह ने कहा कि सीएफआई के लिए कुछ नई बात नहीं है, "हम उन्हें अपने सिस्टम में लाना चाहते हैं और उन्हें देखना चाहते हैं। हम उन्हें ट्रायल्स के लिए बुलाना चाहते हैं। जहां कं प्यूटराइज्ड बाइक पर उनका टेस्ट होगा। यहां किसी भी साइकलिस्ट का इसी तरह टेस्ट किया जाता है। यह सही तरह से बताता है कि खिलाड़ी कैसा प्रदर्शन कर सकता है।"

Advertisement
Back to Top