यूपी: बोरवेल में गिरे चार साल का बच्चे की मौत, 22 घंटे चला रेस्क्यू फिर भी नहीं बची जान

 Four year old child falls in borewell in mahoba  - Sakshi Samachar

25 से 30 फीट की गहराई में फंसा था बच्चा

20 सदस्यीय दल लखनऊ से बुलाया गया था

महोबा: महोबा (Mahoba) में बुधवार को एक खुले बोरवेल में गिरे चार साल के घनेंद्र को गुरुवार सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर बोरवेल से को बाहर निकाला गया। जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 22 घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद भी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मासूम की जान नहीं बचा सकीं। 

बता दें बुधवार को 1 बजे के करीब 4 साल का घनेंद्र खेलते वक्त बोरवेल में गिर गया था। सूचना पुलिस और जिला प्रशासन को मिली तो रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। पहले फायर ब्रिगेड की टीम ने जेसीबी मशीनों के माध्यम से युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। इसके बाद लखनऊ से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। रात 11 बजे एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। इस बीच पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही थी।

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक महोबा के कुलपहाड़ क्षेत्र स्थित बुधौरा गांव के भागीरथ कुशवाहा अपनी पत्‍नी के साथ गेहूं के फसल की सिंचाई कर रहे थे, तभी उनका चार साल का बेटा धनेंद्र उर्फ बाबू खेत में खुले बोरवेल में गिर गया। यही घटना करीब दिन के ढाई बजे की है. इस घटना की सूचना मिलने के बाद गांव के लोग मौके पहुंचे और फिर पुलिस को सूचना दी गई। तब से दमकल और स्वास्थ्य विभाग का ऑपरेशन जारी था। 

सिंचाई के लिए खुदवाया था गड्ढा
किसान भागीरथ कुशवाहा ने खेत में सिंचाई के लिए जुलाई माह में बोरवेल का गड्ढा खुदवाया था, लेकिन पानी नहीं निकला। इसके बाद किसान ने गड्ढा बंद नहीं कराया था। उसे एक पत्थर से ढक दिया था।अफसर अभी इस बात की जांच कर रहे हैं कि बच्चों के खेलने के बाद गड्ढे के ऊपर से पत्थर हट गया था अथवा पहले से हटा हुआ था।

मां-बाप का रो-रो कर बुरा हाल
बच्चे के बोरवेल के गड्ढे में गिरने की सूचना मिलते ही मां क्रांति देवी महोबा से अपने गांव के लिए चल पड़ी। करीब दो घंटे के बाद क्रांति रोते-रोते अपने खेत में पहुंच गई। पत्नी की हालत देखकर भागीरथ भी खुद को नहीं रोक सके। वह भी दहाड़े मार कर रो पड़े। इस दौरान दोनों रोते-रोते बेहोश हो गए। ग्रामीणों और रिश्तेदारों के मुंह पर पानी की छींटे डालने के बाद दोनों को होश आया, तो फिर रोने लगे। रिश्तेदार दोनों को ढांढस बंधाया था।

बहनों के भी नहीं थम रहे आंसू
बच्चे के बोरवेल में गिरने का पता चलने पर उसकी बहनें रेखा और नित्या के भी आंसू नहीं थम रहे हैं। दंपति और ग्रामीणों ने दोनों बहनों को चुप कराने का प्रयास किया। पर, दोनों बहनों के आंसू रुक नहीं रहे थे।

 

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