कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माधवसिंह सोलंकी का निधन, 4 चार सीएम बनकर संभाली गुजरात की कमान

former Gujarat cm And Union Minister Congress leader Madhav Singh Solanki passes away - Sakshi Samachar

पीएम- मैं उनके संवादों को संजो कर रखूंगा

राहुल- माधव सिंह सोलंकी के निधन से दु:खी 

अहमदाबाद: पूर्व विदेश मंत्री एवं कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता माधवसिंह सोलंकी (Madhav Singh Solanki) का शनिवार सुबह गांधीनगर में निधन हो गया। उनकी उम्र 93 वर्ष थी। कांग्रेस के नेताओं ने यह जानकारी दी। सोलंकी गुजरात (Gujarat) के पूर्व मुख्यमंत्री भी थे। 

कांग्रेस की गुजरात इकाई के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने ट्वीट किया, माधवसिंह सोलंकी के निधन से शोकाकुल हूं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें। उन्होंने अपने कामों से लोगों के दिलों में जगह बनाई। चावड़ा सोलंकी के रिश्तेदार भी हैं।

पीएम मोदी ने जताया शोक 
पीएम मोदी ने उनके  निधन पर शोक जताया और कहा कि उन्होंने दशकों तक गुजरात की राजनीति में अहम भूमिका निभाई। मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘माधवसिंह सोलंकी दशकों तक गुजरात की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले एक दुर्जेय नेता थे। उत्कृष्ट समाज सेवा के लिए उन्हें याद किया जाएगा। उनके निधन से दु:खी हूं।'' प्रधानमंत्री ने दिवंगत माधवसिंह सोलंकी के पुत्र और कांग्रेस नेता भरतसिंह सोलंकी से फोन पर बात भी की और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। 

मोदी ने कहा कि राजनीति से इतर माधवसिंह सोलंकी नयी-नयी पुस्तकें पढ़ने के भी बहुत शौकीन थे। साथ ही संस्कृति से भी उनका बहुत लगाव था। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं उनसे मिलता या बातें करता, वह अक्सर किताबों की चर्चा करते और मुझे हाल के दिनों में पढ़ी हुई पुस्तकों के बारे में बताते। उनसे हुए संवादों को मैं हमेशा संजो कर रखूंगा।

राहुल ने व्यक्त किया दुख 
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सोलंकी के निधन पर दु:ख जताया और कहा कि सोलंकी पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए याद किए जाएंगे। उन्होंने ट्वीट किया, "माधव सिंह सोलंकी के निधन से दु:खी हूं। उन्हें कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत करने और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने में योगदान के लिए याद किया जाएगा। कांग्रेस नेता ने कहा, "उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरी संवेदना है।"

बता दें कि सोलंकी ने जून 1991 से मार्च 1992 के बीच विदेश मंत्री का प्रभार संभाला था। उन्होंने राज्य में कांग्रेस की जीत के लिए क्षत्रिय, हरिजन, आदिवासी और मुस्लिम (केएचएएम) जाति तथा समुदायों के गठबंधन का विचार रखा था। वह गुजरात से दो बार राज्य सभा के सदस्य भी रहे। नरेन्द्र मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री बनने से पहले सोलंकी सबसे लंबे समय तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे। सोलंकी के बेटे भरत सिंह सोलंकी भी पूर्व केन्द्रीय मंत्री हैं। 

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