आखिर मिल ही गया मौलाना साद का पता, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में कर रहा है एकांतवास

Finally WE found Maulana Saad, he is in southeast Delhi - Sakshi Samachar

कांधला स्थित अपने पैतृक घर में रहता है

25,000 सदस्यों को एकांतवास में रखा है

दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

नई दिल्ली : निजामुद्दीन मरकज के प्रमुख मौलाना मोहम्मद साद कांधलवी दक्षिण पूर्वी दिल्ली में अपने एक करीबी सहयोगी के निवास पर एकांतवास में है। यह जानकारी सूत्रों ने दी। साद सरकार के निषेधात्मक आदेशों के बावजूद तबलीगी जमात का कार्यक्रम आयोजित करने के बाद विवादों में बना हुआ है।

कांधला स्थित अपने पैतृक घर में रहता है

सूत्रों का कहना है कि मौलाना साद ज्यादातर समय मरकज निवास पर या कांधला स्थित अपने पैतृक घर में रहता है। मरकज प्रमुख इससे पहले भी तबलीगी जमात के विभाजन के कारण विवादों में रहा है। उसके वकील का कहना है कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने सीआरपीसी की धारा-91 के तहत मरकज प्रमुख को दूसरा नोटिस जारी किया, लेकिन उसकी व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग नहीं की। 

जांच में पूर्ण सहयोग किया जाएगा

मरकज के मुख्य वकील फुजैल अहमद अयूबी ने कहा, मरकज ने पुलिस अधिकारियों द्वारा उठाए गए सभी कदमों के लिए अपना सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि मरकज की ओर से भविष्य में भी उक्त मामले से संबंधित जांच में पूर्ण सहयोग किया जाएगा। कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच फिलहाल मरकज का कार्यक्रम सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है। क्योंकि इसके कार्यक्रम में शामिल हुए सैकड़ों लोग कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं।

25,000 सदस्यों को एकांतवास में रखा है

सरकार ने विभिन्न राज्यों में जमात के कम से कम 25,000 सदस्यों को एकांतवास में रखा है। वहीं अभी भी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए व जमातियों के संपर्क में आए लोगों की तलाश की जा रही है। कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ या सेवानिवृत्त न्यायाधीश को इसकी जांच करनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके कि आखिर गलती किसकी थी।

यह भी पढ़ें : तबलीगी जमात के मुखिया साद के संपर्क में है क्राइम ब्रांच, फिर पकड़ में क्यों नहीं मौलाना!​

दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सांप्रदायिक नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि हर भारतीय घातक बीमारी के खिलाफ लड़ाई में एकजुट है। सरकार पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने 12 फरवरी को यह मुद्दा उठाया था और अगर सरकार ने लोगों को भारत आने से रोका होता या हवाईअड्डों पर सही तरीके से जांच की गई होती तो वायरस इतना ज्यादा नहीं फैलता। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

यह भी पढ़ें : RSS ने तबलीगी जमात पर दिखाया 'आक्रोश', कोरोना के आंकड़ों ने कर दिया है सबको बेनकाब​

Advertisement
Back to Top