दिल्ली की सीमाओं पर राशन-पानी लेकर डटे हैं किसान, कृषि बिल के खिलाफ आंदोलन जारी

Farmers protest continues against agriculture law in Delhi - Sakshi Samachar

सिंघु बॉर्डर पर डटे हैं प्रदर्शनकारी किसान​

बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन की इजाजत

नई दिल्ली: किसान पिछले दो दिनों से कृषि बिल (Agriculture laws) के विरोध में 'दिल्ली चलो' आंदोलन के तहत राजधानी की सीमाओं पर आगे बढ़ रहे थे। अब किसानों को दिल्ली में प्रदर्शन की इजाजत दे दी गई है। सरकार की ओर से किसानों को बुराड़ी (Burari) में प्रदर्शन करने की इजाजत मिली है लेकिन किसानों (Farmers) की ओर से अभी ये तय नहीं किया गया है कि उन्हें किसी जगह अपना आंदोलन करना होगा। 

दिल्ली-हरियाणा के सिंघू बॉर्डर पर किसान नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। जिसमें ये तय किया जाएगा कि प्रदर्शन कहां किया जाएगा। हरियाणा के रास्ते दिल्ली आए किसान अब भी सिंघु बॉर्डर पर डटे हैं। किसान बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में जाने से इनकार कर रहे हैं।  

यूपा के किसान भी आगे बढ़े

उत्तर प्रदेश में भारतीय किसान यूनियन ने भी दिल्ली के लिए मार्च किया है। किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों के मसले को हल करने में नाकाम रही है। हम अब दिल्ली जा रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं ने साधा मोदी सरकार पर निशाना

कांग्रेस के पूर्व राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा। राहुल ने ट्वीट किया, बड़ी ही दुखद फ़ोटो है। हमारा नारा तो ‘जय जवान जय किसान’ का था, लेकिन आज PM मोदी के अहंकार ने जवान को किसान के ख़िलाफ़ खड़ा कर दिया।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार में देश की व्यवस्था को देखिए। जब भाजपा के खरबपति मित्र दिल्ली आते हैं तो उनके लिए लाल कालीन डाली जाती है। मगर किसानों के लिए दिल्ली आने के रास्ते खोदे जा रहे हैं। दिल्ली किसानों के खिलाफ कानून बनाए वह ठीक, मगर सरकार को अपनी बात सुनाने किसान दिल्ली आए तो वो गलत?

किसानों ने शुक्रवार की रात सिंघु बॉर्डर पर ही गुजारी। किसानों का आंदोलन सिंघु बॉर्डर पर जारी रहेगा या वे बुराड़ी जाएंगे, इसका फैसला आज होगा। दरअसल, सुबह 8 बजे से किसान नेताओं की बैठक शुरू कर दी है, बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि आंदोलन को कैसे आगे बढ़ाना है।

इसी बीच पंजाब के फतेहगढ़ साहिब से किसानों का एक और जत्था दिल्ली की ओर प्रदर्शन के लिए निकल चुका है। 

प्रदर्शन करने के लिए तय होगी जगह

किसान यूनियन के पंजाब के अध्यक्ष जगजीत सिंह का कहना है सरकार जब तक हमारी मांगें नहीं मानती, काले कानून वापस नहीं लेती, एमएसपी को लेकर चीजें साफ नहीं करती तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार अगर बात करना चाहती है तो हम सरकार से बात करने को तैयार हैं, लेकिन जो डेथ वारंट किसान का लिखा गया है उसको वापस करना पड़ेगा। जहां तक आंदोलन की बात है वो सुबह बैठक में तय होगा कि आगे की रूपरेखा क्या रहेगी। जगजीत सिंह ने कहा कि आंदोलन तो जरूर होगा, लेकिन वो बुराड़ी के मैदान में होगा या सिंघु बॉर्डर पर, ये फैसला बैठक के बाद किया जाएगा।

किसानों को दिल्ली में प्रदर्शन की इजाजत
इससे पहले पंजाब से दिल्ली कूच कर रहे किसानों को दिल्ली में प्रदर्शन की इजाजत दे दी गई। किसानों को दिल्ली के बुराड़ी स्थिति निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई। हालांकि, किसान इस दौरान दिल्ली के किसी ओर इलाके में नहीं जा सकेंगे। साथ ही इस दौरान पुलिस किसानों के साथ ही रहेगी। 

बता दें कि बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में किसानों के प्रदर्शन के लिए तैयारी की गई है। शुक्रवार को दिल्ली सरकार के विधायक राघव चड्ढा ने खुद तैयारियों का जायजा लिया था। किसानों के यहां प्रदर्शन ना करने को लेकर उन्होंने कहा था कि केजरीवाल सरकार आंदोलनकारी किसान भाई बहनों के लिए बुराड़ी में पर्याप्त सुविधाओं का इंतजाम कर रही है।

बातचीत के लिए तैयार मोदी सरकार

वहीं आपको बता दें कि कृषि कानून को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों से मोदी सरकार बातचीत के लिए तैयार है। इस बारे में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि 3 दिसंबर को चर्चा के लिए किसान यूनियन की तरफ से जो जवाब आएगा या कोई प्रस्ताव आएगा बातचीत के लिए तो उस पर हम विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि एमएसपी अब भी है और आगे भी रहेगी। किसान चाहें तो वो तुलना कर सकते हैं कि कांग्रेस के शासनकाल में और मोदी के शासनकाल में किसानों के लिए क्या हुआ है।

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