बिहार: पिता को आखिरी बार देख भी नहीं सकेगा शहाबुद्दीन, नहीं मिल पाई पैरोल

 Ex RJD MP Shahabuddin Parole Reject Will Not Be Able To Attend Father Funeral - Sakshi Samachar

नई दिल्ली :  पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के पिता का अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाएंगे। मो. शहाबुद्दीन लंबी कानूनी प्रक्रिया के चलते तिहाड़ से पेरोल पर छूटकर नहीं आ सके। पूर्व सांसद के पिता का अंतिम संस्कार आज शाम छह बजे मगरिब की नमाज के बाद उनके पैतृक गांव प्रतापपुर के कब्रिस्तान में किया जाएगा। 

पूर्व सांसद ने अपने आवेदन में तिहाड़ जेल महानिदेशक को लिखा है कि उनके पिता शेख मोहम्मद हसीबुल्लाह का शनिवार (19 सितंबर) को निधन हो गया और उनके अंतिम संस्कार की रस्म बड़े बेटे, सीवान जिले के प्रतापुर गांव, बिहार, बिहार में मुझे निभानी है। इसलिए उन्हें दो सप्ताह का परोल दिया जाए। शहाबुद्दीन फिलहाल तिहाड़ जेल नंबर दो में बंद हैं। मोहम्मद इफ्तिखार अहमद ने उनकी ओर से पैरवी की।

कई दिनों से बीमार थे शहाबुद्दीन के पिता
शहाबुद्दीन के 90 वर्षीय पिता कई दिनों से बीमार थे। उनकी मृत्यु के बाद, शहाबुद्दीन के समर्थक उनके गांव पहुंचे और पूर्व सांसद को पैरोल पर लेने की कवायद शुरू की। समाचार लिखे जाने तक  अभी तक उनके पिता का शव किसी को नहीं सौपा गया है। रविवार देर शाम या सोमवार सुबह सुपुर्दे-ए-खाक  उम्मीद है। उनकी मौत की खबर सुनते ही हजारों लोग प्रतापपुर गांव पहुंच गए। 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तिहाड़ में लाए गए शहाबुद्दीन
2016 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शहाबुद्दीन का केस बिहार से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया गया था। इसके बाद शहाबुद्दीन को फरवरी 2017 में बिहार से दिल्ली की तिहाड़ जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। तब से पूर्व सांसद यहां कैद हैं

37 मामलों में आरोपी है शहाबुद्दीन
शहाबुद्दीन 2004 के तेजाब हमले सहित कुल 37 मामलों में आरोपी है और उसी के तहत तिहाड़ जेल में बंद है। सितंबर 2016 में, उन्हें पटना उच्च न्यायालय ने जमानत दी थी। उसके बाद उन्होंने बेउर जेल से बाहर आते ही नीतीश सरकार के खिलाफ बयान देना शुरू कर दिया। इसके बाद बिहार सरकार हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन की जमानत रद्द कर दी थी और तिहाड़ भेजने का आदेश दिया था।

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