'आइटम' वाले बयान पर कमलनाथ की बढ़ीं मुश्किलें, EC ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

Election Commission Notice To Kamal Nath On Item Statement  - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : निर्वाचन आयोग ने भाजपा उम्मीदवार इमरती देवी के बारे में ‘आइटम' टिप्पणी को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ को बुधवार को नोटिस जारी किया। आयोग ने कहा कि उनकी टिप्पणी विधानसभा उपचुनाव के कारण राज्य में लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है ।

नोटिस में कहा गया है, ‘‘इसलिए आयोग आपको अपने उपरोक्त बयान के लिए यह नोटिस मिलने के 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का मौका दे रहा है। ऐसा नहीं होने पर निर्वाचन आयोग इस संबंध में कदम उठाएगा।''

मध्य प्रदेश में डबरा सीट पर तीन नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए कमलनाथ ने रविवार को कहा था कि कांग्रेस के प्रत्याशी ‘सामान्य व्यक्ति' हैं जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी ‘आइटम' हैं। भाजपा ने डबरा सीट पर इमरती देवी को प्रत्याशी बनाया है। उनकी इस टिप्पणी पर विरोध शुरू हो गया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने कमलनाथ के खिलाफ प्रदर्शन किया।

अब तो कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने कमल नाथ के माफी न मांगने पर सवाल उठाया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के करीबियों में गिने जाने वाले मानक अग्रवाल का कहना है कि, "राहुल गांधी का बयान आने के बाद कमल नाथ को माफी मांग लेना चाहिए थी। अभी भी समय है कि वे माफी मांग लें।"

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राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी कमलनाथ से उनकी टिप्पणी के लिए स्पष्टीकरण मांगा । कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ ने अपनी टिप्पणी के लिए खेद जताया था और कहा था कि उन्होंने कुछ भी असम्मानजनक नहीं कहा है । मध्य प्रदेश में 28 सीटों के लिए तीन नवंबर को उपचुनाव होगा।

राजनीति के जानकारों का मानना है कि हर चुनाव में जनता से जुड़े मुद्दों की अपेक्षा अन्य मुद्दों की चर्चा ज्यादा होती है, मगर ऐसा पहली बार हो रहा है जब कांग्रेस नेता कमल नाथ विवादों में घिरे हों, इतना ही नहीं कांग्रेस ही उनके साथ खड़ी नजर नहीं आ रही है। राहुल गांधी के किनारा करने से राज्य का कोई भी बड़ा नेता उनके साथ नहीं है। वर्तमान में कमल नाथ पूरी तरह घिरते और अकेले पड़ते नजर आ रहे हैं। इससे इस बात के संकेत मिलने लगे हैं कि विधानसभा के उप-चुनाव के बाद राज्य की कांग्रेस की सियासत में बड़ा बदलाव आ सकता है।

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