कोरोना के बढ़ते मामलों से हलकान दिल्ली, फिर लग सकता है लॉकडाउन, नोएडा आने-जाने वालों में भी तनाव

Delhi-Noida Workers in Tension Due to COVID-19 Test and Lockdown - Sakshi Samachar

कारोबारियों को बनाया जा रहा 'बलि का बकरा'

बाजारों में लॉकडाउन के खिलाफ दिल्ली के कारोबारी

दिल्ली-NCR आने-जाने वालों की होगी कोविड जांच

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में नवंबर महीने में लगातार कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक बार फिर से लॉकडाउन की तैयारियां हो रही हैं। वहीं, लॉकडाउन लगने के इस अंदेशे ने दिल्ली के कारोबारियों में निराशा भर दी है। इन सबके बीच दिल्ली से नोएडा आने जाने वालों के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है।

पहले बात करते हैं योगी सरकार की तैयारियों की। दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए नोएडा प्रशासन ने अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। गौरतलब है कि दिल्ली और नोएडा के बीच हजारों की संख्या में हर दिन लोगों का आना-जाना होता है। इस वजह से नोएडा प्रशासन ने भी कुछ ऐहतियाती कदम उठाने का फैसला लिया है।

दिल्ली-NCR आने-जाने वालों की होगी कोविड जांच

गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने माना कि क्रॉस बॉर्डर आवागमन के चलते जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ा है। यही वजह है कि उन्होंने इससे निपटने के लिए एक ठोस प्लान बनाया है।

गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने इसके लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। जानकारी के मुताबिक जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अब क्रॉस बॉर्डर संक्रमण को देखते हुए नोएडा से सटे सभी बॉर्डर पर रेंडम टेस्टिंग कराई जाएगी। साथ ही गौतमबुद्ध नगर के सभी इंस्टीट्यूशनल्स को एडवाइजरी जारी की गई है, जिसके तहत क्रॉस बॉर्डर आवागमन करने वालों पर खास नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा जिन इलाकों में एक से ज्यादा कोरोना संक्रमित व्यक्ति मिलेगा, उन इलाकों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन में तब्दील किया जाएगा जिसके बाद इनकी टारगेट सैंपलिंग की जाएगी, जिसमें डिलीवरी ब्वॉय, दुकानदार, रिक्शा चालक सहित अन्य लोग भी शामिल होंगे।

दिल्ली में कोरोना का कहर, फिर सख्ती की तैयारी!

दिल्ली में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। इस वजह से दिल्ली सरकार ने शादियों में मिली छूट वापस ले ली है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि हमने शादी समारोह में 200 लोगों तक के शामिल होने की इजाजत को वापस ले लिया है। अब सिर्फ 50 लोग ही शादी समारोह में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली में छोटे-छोटे हिस्सों में लॉकडाउन भी लग सकता है। इस बारे में केंद्र सरकार को दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने प्रस्ताव भेजा है।

बाजारों में लॉकडाउन के खिलाफ दिल्ली के कारोबारी

दिल्ली के अधिकतर कारोबारियों ने केजरीवाल सरकार द्वारा बाजार में लॉकडाउन लागू करने की योजना पर मंगलवार को निराशा व्यक्त की। कारोबारियों का कहना है कि उन्हें ‘बलि का बकरा' बनाया जा रहा है। वे पहले लॉकडाउन से हुए नुकसान से ही अब तक उबर नहीं पाए हैं। ऐसे में अगर एक बार फिर से राजधानी के बाजार बंद कर दिए गए, तो हमारे लिए अपने खर्चे उठाना भी मुश्किल हो जाएगा।

दिल्ली में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को केंद्र से उन बाजारों में लॉकडाउन लागू करने का अधिकार देने की मांग की, जो संक्रमण के केंद्र के रूप में उभर सकते हैं।

कारोबारियों को बनाया जा रहा 'बलि का बकरा'

सरोजिनी नगर बाजार संघ के महासचिव अशोक रंधावा ने कहा, ‘‘सरकार हमसे बलि के बकरे जैसा व्यवहार कर रही है। हमने इस त्योहारी मौसम में नुकसान की कुछ भरपाई की है और सरकार फिर से बाजार बंद करने की धमकी दे रही है। हम कोविड-19 से बचने के लिए सामाजिक दूरी रखने और मास्क आदि इस्तेमाल करने जैसे ऐहतियाती कदमों का अनुपालन कर रहे हैं।''

नई दिल्ली कारोबारी संघ के एक प्रतिनिधि, जिसके तहत कनॉट प्लेस भी आता है, ने कहा कि सभी बाजारों के लिए एक ही नियम लागू नहीं किया जा सकता। हालांकि, चांदनी चौक व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय भार्गव ने सरकार के पक्ष का समर्थन किया है।

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