बारिश और तेज हवाओं से साफ हुई दिल्ली की हवा, 'मध्यम' श्रेणी में पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक

Delhi air quality index reached in medium category - Sakshi Samachar

दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक में हुआ सुधार 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ऐप ने किया दर्ज

मंगलवार को 168-171 दर्ज किया गया प्रदूषण  

नई दिल्ली : लगातार गिरती वायु गुणवत्ता के बीज मंगलवार को राजधानी दिल्ली की वायु गुणवत्ता में काफी सुधार देखने को मिला। मंगलवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में आ गई। इससे पहले बारिश और तेज हवा चलने से प्रदूषण के स्तर में कमी दर्ज की गयी। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मोबाइल ऐप ‘समीर' के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक आज सुबह 168 जबकि शाम में 171 दर्ज किया गया है, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। यह सोमवार के 221 के मुकाबले काफी बेहतर है, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के ‘सफर' ने कहा है कि यह सुधार कुछ समय के लिये है और बुधवार को यह 'खराब' श्रेणी में पहुंच जायेगा। 

क्या हैं एक्यूआई के मानक
राजधानी में रविवार को 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 435 जबकि शनिवार को 414 दर्ज किया गया था। शून्य से 50 के बीच वायु गुणसवत्ता सूचकांक को अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच को 'गंभीर' माना जाता है। 

सफर के अनुसार मंगलवार सुबह दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 'मध्यम' श्रेणी में था। राष्ट्रीय राजधानी के आसपास के इलाकों में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 'मध्यम' श्रेणी का दर्ज किया गया । फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 172, गाजियाबाद में 166, ग्रेटर नोएडा में 186 एवं नोएडा में 178 दर्ज किया गया । इन शहरों में वायु गुणवत्ता सोमवार को खराब श्रेणी का दर्ज किया गया जबकि रविवार एवं शनिवार को यह गंभीर श्रेणी में था। 

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गुरुग्राम के वायु गुणवत्ता सूचकांक में कुछ सुधार हुआ लेकिन यह 'खराब' श्रेणी में बना हुआ है और यहां यह 204 दर्ज किया गया। सोमवार को यह आंकड़ा 246 था। दिल्ली में दिवाली पर पिछले चार साल में सबसे खराब प्रदूषण स्तर दर्ज किया गया था। इसका मुख्य कारण प्रतिकूल मौसम स्थिति, खेतों में पराली जलाना और पटाखे चलाना था। दिवाली के दूसरे दिन वायु गुणवत्ता 2016 के बाद सबसे खराब थी। 

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