निसर्ग तूफान ने दी दस्तक, 100KM की रफ्तार से चलेगी हवा, 24 घंटे में महाराष्ट्र के तट से टकराएगा, अलर्ट जारी

Cyclone Nisarga Hit On Maharashtra In 24 Hour IMD issue High Alert  - Sakshi Samachar

आईएमडी ने क्या कहा ?

महाराष्ट्र में कैसी है तैयारी ?

मुंबई : देश इन दिनों कोरोना महामारी से जूझ रहा है। वहीं इस बीच एक और आफत ने दस्तक दे दी है। इस आफत को चक्रवाती तूफान 'निसर्ग' नाम दिया गया है। एक दिन बाद यह चक्रवात पश्चिमी तटों से गुजरते हुए करीब सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरात और महाराष्ट्र के तटों से टकराएगा। इसके चलते इन क्षेत्रों में भारी बारिश होगी।  यह तूफान देश के पश्चिमी छोर पर अरब सागर में बना है। भारतीय मौसम विभाग ने महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में चक्रवात के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी किया है। 

आईएमडी ने क्या कहा ?
सोमवार को भारतीय मौसम विभाग  ने कहा कि 3 जून को चक्रवाती तूफान 'निसर्ग' महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में हरिहरेश्वर और दमन के बीच उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों से टकरा सकता है। आईएमडी  अधिकारी आनंद कुमार ने कहा कि अरब सागर में बने निम्न दाब के क्षेत्र की वजह से अगले 24 घंटे में चक्रवात बन सकता है। निसर्ग चक्रवात 2 जून की सुबह तक उत्तर की ओर बढ़ेगा। इसके बाद उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने के बाद हरिहरेश्वर (रायगढ़, महाराष्ट्र) और दमन के बीच उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों से 3 जून की शाम या रात तक टकरा सकता है। बता दें कि हरिहरेश्वर शहर मुंबई और पुणे दोनों से 200 किलोमीटर की दूरी पर और दमन से 360 किलोमीटर की दूरी पर है। 

महाराष्ट्र में कैसी है तैयारी ?
सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात की और राज्य की तैयारियों की समीक्षा की। इस बात की जानकारी महाराष्ट्र सीएमओं की ओर से दी गई है। उन्होंने बताया कि  मछुआरों को समुद्र से वापस आने के लिए कहा गया है और संबंधित जिला कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कोई जनहानि न हो। 

वहीं  बीएमसी से यह तय करने को कहा गया है कि जिन अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज हो रहा है, वहां की बिजली न जाने पाए। इसके लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जाए। खुले मैदान में बने कोविड सेंटरों की मजबूती को देखकर ही मरीजों को वहां भर्ती किया जाए। वहां भर्ती मरीजों को जरूरत पड़ने पर कहीं और शिफ्ट करने की तैयारी रखी जाए। जिन निचले इलाकों जहां पानी भरने की आशंका है, वहां जरूरत पड़ने पर फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम तैयार रखी जाए। बीएमसी ने नागरिकों से किसी भी अफवाह पर भरोसा ना करने को कहा है। इसके अलावा लोगों से अपील की जा रही है  कि अपने स्तर पर भी विशेष सावधानी बरतें।

राज्य में 31 एनडीआरएफ टीम तैयार
 एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की इकतीस टीमों को दोनों राज्यों में तैनात किया गया है। एनडीआरएफ की एक टीम में लगभग 45 कर्मी शामिल हैं। "निसार एक गंभीर चक्रवात है और हम 90-100 किमी प्रति घंटे की गति की हवा की उम्मीद कर रहे हैं, जो मुझे लगता है कि यह परक्राम्य है। फिर भी, एहतियाती उपाय के रूप में, हम दो राज्यों के तटीय क्षेत्रों से लोगों की निकासी शुरू करने जा रहे हैं। 

निचले इलाकों  में आ सकती है बाढ़
 मौसम विभाग ने कहा है कि खगोलीय ज्वार से दो मीटर ऊपर एक तूफान बढ़ने के साथ-साथ मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के निचले तटीय इलाकों में बाढ़ आ जाएगी। इसके अलावा तूफान से मकानों, झोपड़ियों, बिजली और दूरसंचार सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। यही नहीं तटीय फसलों को बड़ा नुकसान हो सकता है।

 सीएम रुपाणी ने तूफान से निपटने के लिए की हाईलेवल मीटिंग
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने अरब सागर में पैदा हुए चक्रवात को देखते हुए गांधीनगर में हाईलेवल मीटिंग कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक के बाद रूपाणी ने कहा कि हालात से निपटने के लिए उत्तरी गुजरात के पांच जिलों और भावनगर व अमरेली जिले में एनडीआरएफ की एक टीमें तैनात कर दी गई हैं।  मुख्यमंत्री रूपानी ने तटवर्ती इलाकों के लोगों से तीन और चार जून को घरों में ही रहने की अपील की है। मछुआरों को भी वापस बुला लिया गया है। नमक बनाने वाले क्षेत्रों से भी मजदूरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। डूब वाले क्षेत्रों से भी लोगों को निकाला गया है। हालात पर नजर रखने के लिए गांधीनगर में एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है।

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