Covid-19 : कोरोना संकट के बीच 5 दिन बाद मिलेगी राहत की खबर, बदल जाएंगे आंकड़े

Covid-19 in India Update on Tuesday - Sakshi Samachar

कोरोना मरीजों की संख्या 1,98,370 हुई

देश में अब तक 5,608 लोगों की इस बीमारी से मौत

रिकवर हुए केसों का आंकड़ा एक्टिव केसों से हो जाएगा ज्यादा

नई दिल्ली : कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच सरकार एक तरफ लॉकडाउन में छूट दे रही है तो दूसरी तरफ मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। देश में कोरोना मरीजों की संख्या 1,98,370 हो गई है, जबकि 5,608 लोगों की इस बीमारी से मौत हुई है। पिछले 24 घंटे में 8000 से ज्यादा नए केस सामने आए हैं।

महामारी के संकट के बीच राहत की खबर यह है कि मरीजों के रिकवरी रेट में लगातार सुधार हो रहा है। आने वाले दिनों में रिकवर हुए केसों का आंकड़ा एक्टिव केसों की संख्या को पीछे छोड़ देगा। इस वक्त भारत में एक्टिव केसों की संख्या 97,008 है, जबकि रिकवर केसों की संख्या 95,754 है। एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले दिनों में रिकवर मरीजों की संख्या एक्टिव केस से ज्यादा हो जाएगी। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के कोरोना ट्रैकर के मुताबिक अमेरिका, ब्राजीन, रूस, ब्रिटेन, स्पेन और इटली के बाद भारत इस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित दुनिया का सातवां देश है। पिछले साल दिसंबर में पहली बार चीन में सामने आए इस खतरनाक वायरस से दुनियाभर में करीब 62 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि तीन लाख 72 हजार लोगों की इस महामारी से जान जा चुकी है। हालांकि इस बीमारी से अब तक 27 लाख के करीब लोग ठीक भी हो चुके हैं। 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में कोविड-19 से ठीक होने की दर में सुधार हो रहा है और मृत्यु दर लगातार कम होकर 2.83 प्रतिशत पर पहुंच गई है। मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 से ठीक होने की दर 15 अप्रैल को 11.42 प्रतिशत से सुधर कर तीन मई को 26.59 प्रतिशत हुई और 18 मई को यह और सुधर कर 38.29 प्रतिशत हो गई। 
इसमें आगे कहा गया कि भारत में इस महामारी के कारण होने वाली मृत्युदर 2.83 प्रतिशत है जबिक इसकी वैश्विक दर 6.19 प्रतिशत है। 

भारत में कोविड-19 की मृत्युदर 15 अप्रैल को जहां 3.30 प्रतिशत थी वहीं तीन मई को यह गिरकर 3.25 प्रतिशत हुई जबकि 18 मई को इसमें और गिरावट आई और यह 3.15 प्रतिशत पर आ गई। मंत्रालय ने कहा, “देश में मृत्युदर के मामले में सतत गिरावट देखी जा सकती है। अपेक्षाकृत कम मृत्युदर की वजह लगातार निगरानी, समय पर मामलों की पहचान और मामलों के नैदानिक प्रबंधन पर ध्यान देना है।” 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि दुनिया को विकास के “मानवता केंद्रित” पहलू पर अनिवार्य रूप से अपना ध्यान लगाना चाहिए। बेंगलुरु में राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह को वीडियो के जरिये संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वैश्वीकरण पर चर्चा अब तक आर्थिक पहलू पर केंद्रित थी लेकिन अब किसी देश द्वारा स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में की जाने वाली प्रगति पहले से कहीं ज्यादा मायने रखती है।

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