COVID-19: अगला 3 महीने में चरम पर होगा कोरोना संक्रमण, वजह ये

Covid 19 cases may aggravate in India in next 3 months - Sakshi Samachar

अगला तीन महीना पड़ सकता है भारी

कोरोना वायरस को लेकर बड़ी चेतावनी

नई दिल्‍ली: माना जा रहा है कि जिस तरीके से कोरोना वायरस का प्रसार हो रहा है अगले तीन महीने बेहद अहम है। ये हम नहीं बल्कि स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कही गई है। केंद्र सरकार और स्वास्थ्य विभाग के दिग्गज अधिकारियों ने कोरोना वायरस को लेकर चिंता जाहिर की है। मंत्रालय ने खुलकर माना है कि आगामी तीन महीने किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं। 

सर्दियों में बढ़ेगा वायरस

स्वास्थ्य मंत्रालय का साफ मानना है कि सर्दियों में वायरस का प्रसार बढ़ेगा। इसके अलावा त्यौहारों के आलम में लोग सहज होंगे और भीड़ जुटा सकते हैं लिहाजा संक्रमण और बढ़ेगा। कोरोना संक्रमण का मामला देश में 55 लाख के पार है। हर रोज करीब एक लाख मामले सामने आ रहे हैं। 

मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग ही उपाय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आम लोगों को एक बार फिर हिदायत दी है कि मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग अब बेहद जरूरी हो गया है। आने वाले समय में कोरोना वायरस का खतरा चरम पर होगा। 

इन राज्यों में नहीं थम रहे मामले

आंकड़ों पर गौर करें तो देश के 7 राज्यों में कोरोना के आंकड़ों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसमें शामिल है महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पंजाब और दिल्ली। दिल्ली में मामले पहले तो कम हुए फिर एकाएक बढ़ गए, कुछ लोग तो इसे सेकंड वेभ तक कह रहे हैं। बुधवार को इन सातों राज्यों के मुखिया के साथ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विचार विमर्श करेंगे। 

पीएम मोदी पर टिकी है सबकी नजरें

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करने वाले हैं। इसके बाद हो सकता है प्रधानमंत्री कुछ अहम फैसला लें। प्रस्तावित बैठक में मुख्यमंत्रियों के अलावा स्वास्थ्य मंत्रियों को भी बुलाया गया है। माना जा रहा है कि मास्क औऱ सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सरकार कुछ और सख्ती बरत सकती है। दशहरा जैसे त्यौहार को देखते हुए लोगों को समझाना मुश्किल होगा। 

एक्सपर्ट्स स्वास्थ्य संसाधन दुरुस्त करने की दे रहे सलाह

इस बीच एक्सपर्ट्स स्वास्थ्य संसाधनों को दुरुस्त करने की राय दे रहे हैं। अभी भी कई राज्य ऐसे हैं जहां कोरोना वायरस को लेकर समुचित इलाज की सरकारी व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में लाखों रुपए के बिल की मार लोगों को झेलनी पड़ रही है। 
 

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