भारत में दर्ज हुआ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ मामला दर्ज, कोरोना के लिए ठहराया जिम्मेदार

Coronavirus : Complaint Filed Against Chinese President Xi Jinping in UP - Sakshi Samachar

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में मामला दर्ज

पुलिस ने कहा अभी कानूनी सलाह ले रहे

कोरोना के लिए लोगों ने चीन का ठहराया जिम्मेदार

लखीमपुर : भारत समेत विश्व के ज्यादातर देश कोरोना के कहर से जूझ रहे हैं। जिसकी वजह कहीं न कहीं चीन को माना जा रहा है। अमेरिकी ने पहले ही चीन को चेतावनी दी थी। अब भारत में भी चीन के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है।

दरअसल, लोग कोरोना महामारी के इतने विकराल रूप में फैलने के पीछे चीन को जिम्मेदार मान रहे हैं। इसलिए उत्‍तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में 40 से अधिक लोगों ने चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग को जिम्‍मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ पुलिस में एक मामला दर्ज करवाया है। शिकायतकर्ताओं में वकील, सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं। 

लोगों का कहना है कि भारत समेत पूरे विश्व में कोरोना फैलने के पीछे चीन जिम्मेदार है। चीनी राष्ट्रपति ने कोरोना वायरस को फैलाने की अनुमति दी और लाखों लोगों की जान को खतरे में डाला। 

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इस शिकायत पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। पहले इस मुद्दे पर तमाम कानूनी सलाह के बाद ही कुछ फैसला किया जाएगा।

अमेरिकी वकील ने दर्ज कराया था मामला
इससे पहले चीन पर कोरोना वायरस तैयार कर उसे विश्वभर के देशों में फैलाने का आरोप लगाते हुए वाशिंगटन के एक अधिवक्ता ने  20 लाख  करोड़ अमेरिकी डॉलर के मुआवजे की मांग करते हुए मामला दर्ज कराया था।

वाशिंगटन के अधिवक्ता लारी क्लैमन से जुड़ी फ्रीडम वाच एंड बज फोटोज नाम संस्था ने टेक्सास स्थित अमेरिकी जिला कोर्ट में यह मामला दाखिल किया है। क्लैमन ने चीन पर जैविक और रासायनिक हथियार के तौर पर कोरोना वायरस तैयार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि इस वायरस को तैयार कर चीन ने अमेरिकी कानून सहित अंतर्राष्ट्रीय कानून, समझौतों व शर्तों का उल्लंघन किया है। 

क्लैमन ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका सहित अपने विरोधी देशों के लोगों को मारने के इरादे से चीन ने अपने लेबोरेटरी में इस वायरस को विकसित किया है। अधिवक्ता ने अपनी सूट में कहा है कि चीन ने जैविक हथियार के रूप में इस वायरस को फैलाकर विश्व को भारी नुकसान पहुंचाया है, इसलिए चीन को 20 लाख करोड़ डॉलर का मुआवजे का भुगतान करना चाहिए। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि कोरोना वायरस पहली बार चीन के वुहान क्षेत्र स्थित वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलॉजी ने इस वायरस को छोड़ा है।

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