GST को लेकर बुग्गना राजेंद्रनाथ रेड्डी ने निर्मला सीतारामन से मुलाकात की

  - Sakshi Samachar

दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन से आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री बुग्गना राजेंद्रनाथ ने मुलाकात की। राज्य को मिलने वाली लंबित निधि को लेकर दोनों के बीच चर्चा हुई। इस मुलाकात के दौरान आंध्र प्रदेश से जुड़े मुद्दे से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। 

केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद बुग्गना राजेंद्रनाथ ने मीडिया से बीतचीत की। उन्होंने कहा कि पोलावरम परियोजना और पिछड़े क्षेत्र और विभाजन कानून के तहत विकास योजनाओं की निधि, पीडीएस, जीएसटी बकाया मंजूर करने का केंद्र से अनुरोध किया गया। राज्य की सहायता के लिए अतिरिक्त निधियां उपलब्ध कराने के बारे में केंद्र से कहा गया। विकास से जुड़े सभी पहलुओं की मुख्यमंत्री द्वारा दी गई जानकारी का विवरण केंद्रीय मंत्री को दिया गया। 

बुग्गना ने कहा कि केंद्र द्वारा राज्य को 3,500 करोड़ रुपये का पुर्नभुगतान किया जाना है। उन्होंने कहा कि पोलावरम परियोजना का काम समयावधि के भीतर पूरा करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पहले खर्च किया और बाद में सरकार से पुनर्भुगतान मांगा है। कोविड-19 के चलते निधियां जारी करने में देरी होगी। राज्य विभाजन कानून के मुताबिक राजस्व में कमी होने से के बावजूद निधि का उपयोग नई योजनाओं के लिए किया जायेगा। केंद्र से जीएसटी की बकाया राशि 3,500 रुपये आने हैं। 

इन बैठकों में आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री ने केंद्र से 3,832.89 करोड़ रुपये का लंबित माल एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजा और अन्य अनुदान तत्काल जारी करने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने कोविड-19 संकट की वजह से राज्य को अतिरिक्त कोष जारी करने का भी आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर, जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी, नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कान्त और उनके सलाहकार अविनाश मिश्रा से भी मुलाकात की और विभिन्न लंबित परियोजनाओं तथा पोलावरम परियोजना से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ बैठक में रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के लंबित अनुदान को जल्द जारी करने की जरूरत बताई। उन्होंने केंद्र से राज्य का 3,832.89 करोड़ रुपये का लंबित जीएसटी मुआवजा, पोलावरम परियोजना के लिए 3,805.62 करोड़ रुपये, 1,597.27 करोड़ रुपये स्थानीय निकाय अनुदान और 700 करोड़ रुपये पिछड़े जिलों के लिए विकास सहायता के रूप में जारी करने का आग्रह किया। राज्य के वित्त मंत्री ने केंद्र से 18,830.87 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान भी जल्द जारी करने को कहा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से स्थानीय निकायों को अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है। यह कोष जल्द जारी होने से राज्य नागरिकों को आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति कर सकेगा।
 

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