बिहार में उद्घाटन से पहले बह गया पुल, आधे दर्जन से ज्यादा गांवों पर मंडराया खतरा

Bridge in Goabari Village Washed away in Kankai River before  inauguration in Kishanganj in Bihar - Sakshi Samachar

1.40 करोड़ की लागत से बना था पुल

कनकई नदी पर बना रहा था पुल

पटना : बिहार में विधानसभ चुनाव जैसे-जैसे करीब आते जा रहे हैं वैसे-वैसे राज्य सरकार ने फिर से सत्ता में लौटने की जुगत के तहत उद्घाटन-शिलन्यास कार्यक्रम तेज कर दिए हैं। इस बीच, सरकार के प्रयासों को उस वक्त झटका लगा जब किशनगंज जिले में दिघलबैंक प्रखंड के पत्थरघट्टी पंचायत के अंतर्गत  एक निर्माणाधीन पुल धंस गया।

करीब एक करोड़ 42 लाख की लागत से बन रहा यह पुल उद्घटान से पहले ही पुल का एक पिलर पूरी तरह धंस गया। पुल के धंस जाने के कारण इस रास्ते से खुद को मुख्य धारा से जोड़ने के  लिए गुवाबाड़ी समेत आस-पास के गांवों के लाखों लोगों का इंतजार एक बार फिर से बढ़ गया है। 

आधे दर्जन से ज्यादा गांव खतरे में

सालों से चल रहे निर्माणाधीन पुल के अचानक बह जाने से आहत ग्रामीणों का कहना है कि अगर वक्त रहते प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर जाता तो अब तक पत्थरघट्टी पंचायत के करीब एक दर्जन गांवों पर न यह खतरा मंडराता और न ही हम लोगों को आज इस समस्या का सामना करना पड़ता। गौरतलब है कि कनकई नदी ने पिछले करीब एक दशक से दिघलबैंक प्रखंड में सबसे अधिक नुकसान पत्थरघट्टी पंचायत को ही पहुंचाया है। 

गुवाबाड़ी के पास धंसे निर्माणाधीन पुल को लेकर ग्रामीण विकास विभाग के कनिष्ठ अभियंता रामानंद यादव का कहना है कि 'जिस वक्त पुल को बनाने का काम शुरू हुआ था। वहां पर कनकई नदी की एक हल्की धारा थी और पुल उसी हिसाब से बनाया जा रहा था, लेकिन अचानक से इस बार नदी का रूख बदल गया। हजारों एकड़ में फैला पानी जब केवल कुछ मीटर लंबे पुल से पास जमने लगे तो इस प्रकार की अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता है।'
 

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