Kangana vs BMC: HC ने पूछा- संजय राउत ने किसे कहा था 'हरामखोर', बताएं नॉटी का मतलब

Bombay HC Asks Sanjay Raut Meaning Of Haramkhor Comment On Kangana Ranaut  - Sakshi Samachar

मुंबई : कंगना रनौत के ऑफिस में बीएमसी की कार्रवाई के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान, कोर्ट में शिवसेना के नेता संजय राउत के 'हरामखोर' वाले बयान पर भी तीखी बहस हुई। कंगना के वकील बीरेंद्र सराफ ने कहा कि संजय राउत ने इंटरव्यू में हरामखोर का मतलब नॉटी बताया था। इस पर जस्टिस एस कथावाला ने कहा, 'हमारे पास भी डिक्शनरी है, अगर इसका मतलब नॉटी है तो फिर नॉटी का मतलब क्या है।'

सर्राफ ने आरोप लगाया कि संजय ने कंगना के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। उन्हें हरामखोर कहते हुए सबक सिखाने की बात कही थी। इसके बाद कोर्ट में राउत के बयान की फुटेज चलाई गई।

कोर्ट ने दिया आदेश
कंगना की तरफ से वकील बीरेंद्र सर्राफ पेश हुए जबकि बीएमसी की तरफ से वकील अस्पी चिनॉय ने जस्टिस एस कथावाला और जस्टिस रियाज चागला के सामने अपना पक्ष रखा। कंगना के वकील ने कहा कि इस मामले में कंगना के साथ बहुत गलत हुआ है और बीएमसी की तरफ से दी गई याचिका को पढ़ने का तक मौका नहीं दिया गया। कोर्ट ने कंगना को बीएमसी की कार्रवाई से जुड़ी फाइल तथा राउत द्वारा दिए गए इंटरव्यू की क्लिप पेश करने को कहा।

हरामखोर और नॉटी शब्द
कंगना के वकील सर्राफ ने जवाब में कहा कि वो संजय राउत के इंटरव्यू की सारी क्लिप कोर्ट को देंगे जिसमें उन्होंने कंगना को हरामखोर कहा। सर्राफ ने कोर्ट को बताया कि राउत ने हरामखोर शब्द का मतलब नॉटी होना बताया था जिस पर कोर्ट ने हैरानी जताई और पछा कि नॉटी शब्द का मतलब क्या होता है। इस पर संजय राउत के वकील ने कहा, 'मेरे मुवक्किल ने किसी का नाम नहीं लिया।  बीएमसी के वकील ने कहा, 'कंगना कहती हैं कि यह सब उनके 5 सितंबर वाले ट्वीट की वजह से हुआ तो वह ट्वीट क्या था कोर्ट के सामने पेश किया जाए ताकि टाइमिंग का पता लग सकें।'

राउत के वकील बोले- उन्होंने नहीं लिया कंगना का नाम
संजय राउत की ओर एडवोकेट प्रदीप थोराट ने पैरवी की। कोर्ट के सामने थोराट ने कहा कि संजय ने उनका नाम नहीं लिया था। थोराट की इस दलील पर कोर्ट ने कहा  क्या आप कहे रहे हैं कि आपके क्लाइंट ने उन्हें हरामखोर लड़की नहीं कहा ? क्या हम यह बयान दर्ज कर सकते है कि आपने ( संजय राउत ने) पिटिशनर को हरामखोर नहीं कहा है। इसके जवाब में थोराट ने कहा कि वह इस मामले एक एफिडेविट फाइल करेंगे। कंगना के वकील ने कहा कि ऑफिस गिराए जाने के बाद अखबार में उसे तोड़े जाने का जश्न मनाया गया था। यह पूरे देश ने देखा है। इस पर बेंच ने इस संबंध में सभी सबूत और दस्तावेज लाने की बात कही है। जिसमें कंगना के सभी ट्वीट्स और संजय राउत का पूरा इंटरव्यू शामिल हैं।
कब- कब हुई इस केस की सुनवाई
इस केस में 22 सितंबर को पहली सुनवाई हुई थी। इसके बाद 24 सितंबर और 25 सितंबर को इस केस में सुनवाई की गई। 

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