Bihar Election 2020 ओपिनियन पोल: नीतीश बने पहली पसंद, NDA को स्पष्ट बहुमत के आसार

Bihar Election 2020 Opinion Poll NDA will regain into Power  - Sakshi Samachar

ओपिनियन पोल में नीतीश बने पहली पसंद

बिहार में एनडीए को फिर मौका मिलने के आसार

लोकनीति-सीएसडीएस की तरफ से कराया गया सर्वे

नई दिल्ली: बिहार चुनाव 2020 को लेकर निजी चैनल के ओपिनियन पोल में बड़ा खुलासा हुआ है। बिहार में लोगों ने एक बार फिर एनडीए को ही सरकार बनाने के लिए चुनने का मन बनाया है। तभी तो ओपिनियन पोल में NDA को 133-143 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। लोगों ने महागठबंधन को 88-98 सीट, एलजेपी को 2-6 सीट और बाकी दलों और निर्दलियों के हिस्से में 6 से 10 सीटें देने की बात कही है। 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने के आसार हैं।  

सर्वे में लोगों ने एनडीए पर फिर जताया भरोसा

38 फीसदी लोगों ने एक बार फिर एनडीए सरकार बनाने पर अपनी राय दी है। जबकि 32 फीसदी लोगों का विचार है कि एक बार महागठबंधन को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। 6 फीसदी लोगों का मानना है कि राज्य में एलजेपी की सरकार भी बन सकती है। 

क्या होंगे चुनावी मुद्दे?

बिहार में चुनावी मुद्दे को लेकर 29 फीसदी लोगों की स्पष्ट राय है कि विकास ही मुद्दा होगा। सर्वे में लोगों को विकास, बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी और शिक्षा के ऑप्शन्स दिये गए थे। जिसमें अधिकांश लोगों ने विकास को ही प्राथमिकता दी है। 20 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी मुद्दे को तरजीह दी जबकि 11 फीसदी लोग महंगाई को मुद्दा बताया। 6 फीसदी गरीबी और 7 फीसदी लोगों ने एजुकेशन को चुनावी मुद्दा कहा। 

नीतीश कुमार लोगों की पहली पसंद

मुख्यमंत्री के तौर पर अधिकांश लोगों ने नीतीश कुमार को ही पहली पसंद बताया। 55 फीसदी लोग नीतीश कुमार के काम से संतुष्ट दिखे। मजे की बात ये कि ये 55 फीसदी बीजेपी समर्थक थे जिन्होंने नीतीश के नाम पर सहमति दी है। जबकि उनके पास सुशील कुमार मोदी का विकल्प मौजूद था। मतलब साफ है कि सुशील मोदी से उनकी ही पार्टी के लोग खार खाए हुए हैं। वहीं जेडीयू के 93 फीसदी समर्थकों ने माना कि नीतीश कुमार के सिवा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। 

ओपिनियन पोल का क्या था स्वरूप

ओपिनियन पोल बिहार की 37 विधानसभा सीटों के 148 बूथों पर कराया गया था। लोकनीति-सीएसडीएस की ओर से ओपिनियन पोल की गई है। इसमें कुल 3731 लोगों से बातचीत की गई। जिनमें 60 फीसदी पुरुष और 40 फीसदी महिला मतदाता शामिल थे। सर्वे में 90 फीसदी ग्रामीण वोटरों को ही जोड़ा गया जबकि 10 फीसदी ही शहरी वोटरों से बात की गई। 

मुख्यमंत्री के तौर पर तेजस्वी दूसरी पसंद

सर्वे में मुख्यमंत्री के रूप में लोगों को चार विकल्प दिये गए थे। इनमें शामिल नाम हैं नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव, चिराग पासवान, सुशील कुमार मोदी। 31 फीसदी लोगों ने नीतीश कुमार को पसंद किया। जबकि सत्ताधारी दल को कड़ी टक्कर दे रहे राजद नेता तेजस्वी यादव को 27 फीसदी लोगों ने मुख्यमंत्री बनाने की चाहत दिखाई। साफ है कि नीतीश कुमार को तेजस्वी यादव ही कड़ी टक्कर दे रहे हैं। वहीं एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान को 5 फीसदी और बीजेपी के सुशील मोदी को महज 4 फीसदी लोगों ने मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए पसंद किया। मतलब साफ है कि बिहार में भले ही लोग बीजेपी को वोट देते हों, लेकिन बीजेपी का कोई भी कद्दावर नेता मुख्यमंत्री की पसंद में शामिल नहीं है। 
 

Advertisement
Back to Top