भाषण देते हुए भावुक हो गए थे पीएम मोदी, कहा- कोरोना ने अपनों को अपनों से दूर किया

Big and importance things of PM Modi Corona vaccination campaign launch speech - Sakshi Samachar

वैज्ञानिक रिसर्चर प्रशंसा के हकदार

संबोधन करते भावुक हुए पीएम मोदी

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra modi) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज दुनिया के सबसे बड़े कोरोना वैक्सीनेशन (Corona vaccination) कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है। सर्वे भवन्तु सुखिन: के नारे के साथ कोरोना वैक्सीन अभियान की शुरूआत हुई। इससे पहले पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित किया और कुछ बड़ी और जरूरी बातें कहीं। जो कुछ इस प्रकार हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा आज वो कोरोना की वैक्सीन आ गई है। आज के दिन का बेसब्री से इंतजार था। मोदी ने कहा कि वैक्सीन बनाने वालों ने कड़ी मेहनत की है। पीएम ने कहा कि उन्होंने न त्योहार की चिंता की न घर छुट्टी मनाने गए। पीएम ने कहा कि ऐसे ही दिन के लिए राष्ट्रकवि दिनकर ने कहा था कि मानव जब जोर लगाता है तो पत्थर पानी बन जाता है।  

वैज्ञानिक रिसर्चर प्रशंसा के हकदार
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज वो वैज्ञानिक, वैक्सीन रिसर्च से जुड़े अनेकों लोग विशेष प्रशंसा के हकदार हैं, जो बीते कई महीनों से कोरोना के खिलाफ वैक्सीन बनाने में जुटे थे। आमतौर पर एक वैक्सीन बनाने में बरसों लग जाते हैं, लेकिन हमारे वैज्ञानिकों ने इसे जल्द से जल्द कर दिखाया। 

पीएम मोदी की देशवासियों से अपील
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं ये बात फिर याद दिलाना चाहता हूं कि कोरोना वैक्सीन की 2 डोज लगनी बहुत जरूरी है। उन्होंने लोगों से प्रार्थना की कि आप दो डोज जरूर लगवाएं, एक डोज लगवाने के बाद भूल न जाएं, पीएम ने कहा कि पहली और दूसरी डोज के बीच, लगभग एक महीने का अंतराल भी रखा जाएगा, इसे भी ध्यान रखें, दूसरी डोज़ लगने के 2 हफ्ते बाद ही आपके शरीर में कोरोना के विरुद्ध जरूरी शक्ति विकसित हो पाएगी। पीएम ने कहा कि जैसा धैर्य आपने कोरोना काल में दिखाया था, वैसा ही धैर्य आप वैक्सीनेशन के समय भी दिखाएं। पीएम ने कहा कि वैक्सीनेशन के बाद भी शारीरिक दूरी और मास्क जरूरी होगा। 

दुनिया का बड़ा टीकाकरण अभियान
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इतिहास में इस प्रकार का और इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया है। दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से कम है, और भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है। दूसरे चरण में हमें इसको 30 करोड़ की संख्या तक ले जाना है। जो बुजुर्ग हैं, जो गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, उन्हें इस चरण में टीका लगेगा। आप कल्पना कर सकते हैं, 30 करोड़ की आबादी से ऊपर के दुनिया के सिर्फ तीन ही देश हैं- खुद भारत, चीन और अमेरिका। 

संबोधन करते भावुक हुए पीएम मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी लोगों को संबोधित करते हुए भावुक हो गए। पीएम ने कहा कि कोरोना के काल में हमारे कई साथी ऐसे रहे जो बीमार होकर अस्पताल गए तो लौटे ही नहीं। पीएम ने कहा कि संकट के उसी समय में, निराशा के उसी वातावरण में, कोई आशा का भी संचार कर रहा था, हमें बचाने के लिए अपने प्राणों को संकट में डाल रहा था। ये लोग थे हमारे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस ड्राइवर, आशा वर्कर, सफाई कर्मचारी, पुलिस और दूसरे फ्रंटलाइन वर्कर्स। हमारे कई साथी कोरोना से ग्रसित होकर अस्पताल गए तो लौटे ही नहीं। ऐसे सभी साथियों को हम सादरांजलि अर्पित करते हैं।

कोरोना ने अपनों को अपनों से किया दूर 
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस बमारी ने लोगों को अपने घर से दूर रखा। माताएं बच्चों के लिए रो रही थीं, लेकिन वो अपने बच्चों के पास नहीं जा सकती थीं। लोग अस्पताल में भर्ती अपने घर के बुजुर्गों से मिल नहीं सकते थे, कई हमारे साथी जो इस बीमारी की चपेट में आकर हमसे दूर चले गए। ऐसे लोगों का हम अंतिम संस्कार भी नहीं कर सके। 

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