विकास दुबे कांड: गिरफ्तारी को प्रायोजित बता प्रियंका ने की 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के CBI जांच की मांग

Vikas Dubey Case: Priyanka Demands for CBI Investigation on 8 Policemen Murder - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने मामले के मुख्य आरोपी विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर दावा किया कि उसका उज्जैन तक पहुंचना मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘‘कानपुर के जघन्य हत्याकांड में उप्र सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, उसमें वह पूरी तरह विफल साबित हुई है। अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है।'' उन्होंने दावा किया, ‘‘तीन महीने पुराने पत्र पर ‘नो एक्शन' और कुख्यात अपराधियों की सूची में ‘विकास' का नाम न होना बताता है कि इस मामले के तार दूर तक जुड़े हैं।'' प्रियंका ने कहा, ‘‘उप्र सरकार को मामले की सीबीआई जांच करा सभी तथ्यों और संरक्षण देने से जुड़े संबंधों को जगज़ाहिर करना चाहिए।''

मप्र में विकास का सरेंडर प्रायोजित : दिग्विजय

वहीं, दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के हिस्टीशीटर विकास दुबे के मध्य प्रदेश के उज्जैन में गिरफ्तार किए जाने पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह विकास का प्रायोजित सरेंडर है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, "यह तो उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने के लिए प्रायोजित सरेंडर लग रहा है। मेरी सूचना है कि मध्यप्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के सौजन्य से यह संभव हुआ है। जय महाकाल।"

पांच लाख इनामी विकास गिरफ्तार, शुरुआत से जाने पूरा घटनाक्रम
लखनऊ : उत्तर प्रदेश कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिस कर्मियों की मौत के जिम्मेदार 5 लाख के इनामी कुख्यात विकास दुबे को मप्र पुलिस ने उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया है।

कई दर्जन टीमें उसकी गिरफ्तारी में लगी हुई थीं। लेकिन वह लगातार सबको चकमा दे रहा था। अब मध्य प्रदेश पुलिस उसे यूपी पुलिस को सौंपने जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास दुबे की उज्जैन से गिरफ्तारी के मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर चर्चा की है। मध्य प्रदेश पुलिस अब विकास दुबे को यूपी पुलिस को हैंड ओवर करेगी। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह व सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने भी विकास दुबे की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

ज्ञात हो कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे वर्ष 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। वर्ष 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कलेज के सहायक प्रबंधक सिद्घेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास दुबे का नाम आया था। कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही वर्ष 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास दुबे पर जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप है।

वर्ष 2004 में केबल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी है। 2001 में कानपुर देहात के शिवली थाने के अंदर घुस कर इंस्पेक्टर रूम में बैठे तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमेन, राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ल को गोलियों से भून दिया था। हालांकि कोई गवाह न मिलने के कारण वह केस से बरी हो गया।

क्या-क्या रहा केस में-

  • दो जुलाई - विकास दुबे को गिरफ्तार करने तीन थानों की पुलिस ने बिकरू गांव में दबिश दी। विकास की गैंग ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी।
  • तीन जुलाई- पुलिस ने सुबह सात बजे विकास के मामा प्रेमप्रकाश पांडे और सहयोगी अतुल दुबे का एनकाउंटर कर दिया।
  • चार जुलाई- पुलिस विकास तिवारी के घर पर बुलडोजर चलवा देती है। उसकी लग्जरी कारें तोड़ दी जाती हैं। पूरी रात सर्च आपरेशन चला। रात में आई जी मोहित अग्रवाल ने कहा कि सूचना थी कि विकास ने अपने घरों की दीवारों में चुनवाकर छिपाए हैं हथियार। इसलिए की जा रही है कार्रवाई।
  • पांच जुलाई- पुलिस ने विकास के नौकर और खास सहयोगी दयाशंकर उर्फ कल्लू अग्निहोत्री को घेर लिया। पुलिस की गोली लगने से दयाशंकर जख्मी हो गया। उसने खुलासा किया कि विकास ने पहले से प्लानिंग कर पुलिसकर्मियों पर हमला किया था।
  • छह जुलाई- पुलिस ने अमर की मां क्षमा दुबे और दयाशंकर की पत्नी रेखा समेत 3 को गिरफ्तार किया। शूटआउट की घटना के वक्त पुलिस ने बदमाशों से बचने के लिए क्षमा दुबे का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन क्षमा ने मदद करने की बजाय बदमाशों को पुलिस की लोकेशन बता दी। रेखा भी बदमाशों की मदद कर रही थी।
  • सात जुलाई- इस मामले में विनय तिवारी पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप में तत्कालीन डीआईजी अनंत देव का एसटीएफ डीआईजी के पद से तबादला कर दिया जाता है। चौबेपुर थाने के सभी 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। पुलिस विकास के 15 साथियों का पोस्टर जारी करती है।
  • आठ जुलाई- विकास दुबे पर ढ़ाई लाख से इनाम बढ़ा कर पांच लाख किया जाता है। एसटीएफ ने विकास के करीबी अमर दुबे को मार गिराया। प्रभात मिश्रा समेत 10 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
  • नौ जुलाई- प्रभात मिश्रा और बउवा दुबे एनकाउंटर में मारे गए। विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया गया।

—एजेंसियां 

Advertisement
Back to Top