बिहार में जदयू और भाजपा को टक्कर देने की फिराक में शिवसेना, बना रही है चुनावी स्ट्रैटजी

shivsena Preparing Strategy to Contest Bihar Assembly Elections - Sakshi Samachar

पांडेय का पॉलिटिकल एंट्री व्यक्तिगत फैसला

मुंबई पुलिस की आलोचना अनुचित

मुंबई : महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना जल्द ही बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला लेगी। शिवसेना पार्टी के सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने मंगलवार को यह बात कही।राउत ने संवाददाताओं से कहा, "वहां हमारे लोगों की बहुत सारी मांगें हैं। हम पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ इस पर चर्चा करेंगे और यह तय करेंगे कि बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा जाए या नहीं।"

गुप्तेश्वर पांडेय का पॉलिटिकल एंट्री व्यक्तिगत फैसला

बिहार के पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के राजनीति में आने के फैसले पर शिवसेना नेता ने कहा कि वह अपनी व्यक्तिगत पसंद से जो करना चाहते हैं, करने के लिए स्वतंत्र हैं। राउत ने कहा, "हमारी आपत्ति इस पर थी कि उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत मामले में मुंबई पुलिस की छवि खराब करने की कोशिश की। जब वह डीजीपी थे, तब उन्होंने अपने लाभ के लिए पुलिस और दोनों राज्यों के लोगों के बीच दरार डालने की कोशिश की।

उनसे यह पूछे जाने पर कि क्या सुशांत मामला राज्य के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे की छवि को धूमिल करने का षड्यंत्र था, इसे राउत ने स्वीकार किया, लेकिन इस पर चर्चा करने से मना कर दिया। हालांकि, उन्होंने बताया कि शिवसेना पूरे प्रकरण से असंतुष्ट है, लेकिन जिन लोगों ने टीवी चैनलों पर चिल्लाते हुए पार्टी पर कीचड़ उछालने का प्रयास किया, उन्हें अपने कर्म का फल मिलेगा।

पांडेय ने की मुंबई पुलिस की आलोचना

राउत ने कहा, "वे सुशांत मामले में मुंबई पुलिस जांच की आलोचना कर रहे थे। अब, जांच एक महीने से अधिक समय तक सीबीआई के पास है। लोग जानना चाहते हैं कि इसका परिणाम क्या है। यदि उनमें (शिवसेना के आलोचकों) हिम्मत है, तो उन्हें अब सीबीआई से सवाल पूछना चाहिए, जैसे उन्होंने पहले मुंबई पुलिस से जवाब मांगा था।"

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भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेंद्र फड़णवीस के साथ उनकी बैठक को लेकर हुए उपद्रवों का जिक्र करने पर राउत ने सारी अटकलों पर विराम लगा दिया और दावा किया कि 'यह शिवसेना और फड़णवीस के बीच विशुद्ध रूप से तय साक्षात्कार' था। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और महागठबंधन की महाअघाड़ी सरकार, जिसमें शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस शामिल हैं, अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।
 

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