अब सचिन पायलट के हमदर्द भी करने लगे कार्रवाई की मांग, गहलोत बुला सकते हैं विधानसभा सत्र

Sachin Pilot Well Wishers In Congress Also Demanding Action Against Him  - Sakshi Samachar

पायलट समर्थकों का दावा हो जाएगा खत्म

सचिन पायलट को करना है फैसला 

नई दिल्ली :  कांग्रेस ने रविवार को कहा कि राजस्थान विधानसभा में पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत है। पार्टी के बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा भेजे गए अयोग्य करार देने संबंधी नोटिस को चुनौती दी है और राजस्थान उच्च न्यायालय में सोमवार को उनकी याचिकाओं पर सुनवाई होनी है। अब यह भी कहा जा रहा है कि राजस्थान संकट को लेकर कांग्रेस का सब्र अब जवाब देने लगा है। पार्टी के अंदर पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के प्रति हमदर्दी रखने वाले नेता और कार्यकर्ता भी अब उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस मामले में फौरन कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। क्योंकि भाजपा के साथ उनके संबंध साबित हो चुके हैं।

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के सूत्रों ने विधानसभा सत्र बुलाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि इसके बारे में फैसला करने का राज्य मंत्रिमंडल तथा मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है और ‘‘वे उचित फैसला लेंगे।'' 

पायलट समर्थकों का दावा हो जाएगा खत्म

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के एक नेता ने कहा कि सचिन पायलट समर्थक लगातार तीस विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं। विधानसभा में बहुमत से सचिन पायलट और समर्थकों का दावा खत्म हो जाएगा। साथ ही सचिन पायलट और उनके समर्थकों को पार्टी की तरफ से व्हिप जारी होने के बाद वोट डालने के लिए आना पड़ेगा। वह ऐसा नहीं करते हैं, तो पार्टी को उनकी सदस्यता रद्द कराने का एक और आधार मिल जाएगा।

सचिन पायलट को करना है फैसला 

राज्य विधानसभा में कांग्रेस के पास बहुमत नहीं होने के भाजपा के दावे पर रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बीते 48 घंटे में ऐसा क्या बदल गया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया इतने डर गए हैं कि विश्वास मत की मांग ही नहीं कर रहे। सुरजेवाला ने कहा कि 200 सदस्यीय विधानसभा में उनके पास 109 विधायकों का समर्थन है। उन्होंने कहा, ‘‘वे जानते हैं कि हमारे पास पूर्ण बहुमत है।'' सचिन पायलट के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अब निर्णय उन्हें करना है। वह भाजपा के षड्यंत्र में फंसना चाहते हैं या परिवार में बैठकर अपने मतभेद सुलझाने चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के पास बहुमत है और राजस्थान के भाजपा नेता इस बात को स्वीकार कर रहे हैं। अब वे कह रहे हैं कि भाजपा राष्ट्रपति शासन की मांग नहीं कर रही है और कांग्रेस को विधानसभा सत्र नहीं बुलाना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि जहां तक कांग्रेस के बागी विधायकों की बात है तो वे कांग्रेस का हिस्सा हैं और पारिवारिक मामले को परिवार के भीतर की सुलझाया जा सकता है, न कि मीडिया के जरिए। 

सुरजेवाला ने पायलट को संदेश देते हुए कहा, ‘‘सचिन पायलट और उनके निष्ठावान नेताओं को भाजपा की मेहमान-नवाजी छोड़कर अपने परिवार में लौट आना चाहिए और यदि कोई बात है तो परिवार के भीतर उन पर बात करनी चाहिए।''  

इस हफ्ते बुलाया जा सकता है विधानसभा सत्र

राजस्थान में चल रहे राजनीतिक उठापटक के बीच राजस्थान विधानसभा का एक संक्षिप्त सत्र इस सप्ताह बुलाया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि सरकार के समक्ष संक्षिप्त विधानसभा सत्र बुलाने सहित सभी विकल्प खुलें हैं। इधर, कांग्रेस नेता अजय माकन ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, सदन में शक्ति परीक्षण कब होगा। कैसे होगा यह निर्णय और इसकी घोषणा मुख्यमंत्री और सरकार को करनी है।

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