नहीं शुरू हुई ट्रेन, रेलवे ने पंजाब सरकार पर लगाया 'गुमराह' करने का आरोप

 Punjab government and Railway to resume train services amid farmers protest - Sakshi Samachar

कृषि बिल के विरोध में किसानों का प्रदर्शन

रेलवे की पटरियों पर बैठे पंजाब के किसान

कब होगी पंजाब में ट्रेन सेवाओं की बहाली?

चंडीगढ़ : राज्य में मालगाडिय़ों के संचालन को लेकर एक बार फिर से पंजाब सरकार और रेलवे में गतिरोध बन गया है। पंजाब सरकार ने दावा किया है कि राज्य में मालगाडियों को परिचालन के लिए सभी रेल ट्रैक खाली कर दिए हैं। वहीं, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने दावा किया है कि राज्य में अब भी 23 स्थानों पर किसान ट्रैक पर जमे हुए हैं। ऐसे में ट्रेनों का संचालन करना संभव नहीं हैं। 

इसी को लेकर रेलवे ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा बाधित की गई रेल पटरियों के मामले में पंजाब सरकार पर जनता को 'गुमराह' करने का आरोप लगाया। राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में बयान जारी करने के कुछ ही घंटे बाद रेलवे ने ये प्रतिक्रिया दी है।
 
पूरा रेल नेटवर्क बिल्कुल साफ- राज्य सरकार 
बता दें कि पंजाब सरकार ने बयान जारी कर कहा था कि राज्य सरकार के मनाने पर 30 से ज्यादा किसान संगठनों ने मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए राज्य में पटरियों को शुक्रवार को खाली कर दिया। राज्य के गृह विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘पंजाब में मालगाड़ियों की अबाध आवाजाही के लिए पूरा रेल नेटवर्क बिल्कुल साफ है।'' 

22 स्थानों पर खाली कराना बाकी - रेलवे बोर्ड 
इससे पहले, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके. यादव ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब सरकार प्रदेश में सभी स्थानों पर रेलवे पटरियों को खाली कराने में नाकाम रही है और 22 स्थानों पर इसे खाली कराना अब भी बाकी है । इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में ट्रेन सेवाओं की बहाली के लिये राज्य सरकार से 100 फीसदी सुरक्षा मंजूरी की जरूरत है। 

यादव ने कहा कि आंशिक रूप से ट्रेन सेवाओं की बहाली ‘‘संभव नहीं'' है और (रेल पटरियों) से सभी अवरोधों को निश्चित रूप से हटाया जाना चाहिये। इससे एक दिन पहले यादव ने मीडिया को बताया था कि राज्य सरकार ने सभी रेल पटरियों को शुक्रवार की सुबह तक खाली कराने का आश्वासन दिया है। 

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन 
किसान संगठनों ने हाल में पारित कृषि कानूनों के खिलाफ रेलवे पटरियों एवं स्टेशन परिसरों में प्रदर्शन शुरू किया था और इस कारण राज्य में रेल सेवाएं 24 सितंबर से ही निलंबित हैं। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि रेलवे चुनिंदा गाड़ियां नहीं चलायेगी बल्कि सभी सेवाओं को बहाल करेगी। 

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100 फीसदी सुरक्षा मंजूरी 
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में अब भी 22 स्थानों पर अवरोध की स्थिति है। रेलवे सुरक्षा बल और प्रदेश पुलिस के बीच चंडीगढ़ में कल बैठक हुई और हमने उन्हें इस बात से अवगत कराया है कि वे हमें सभी ट्रेनों के लिये सुरक्षा मंजूरी दें ताकि हम एक बार में उनका परिचालन शुरू करें।''

यादव ने कहा, ''हम चुनिंदा ट्रेन सेवाएं शुरू नहीं करेंगे, चाहे वो मालगाड़ी हो या सवारी गाड़ी। हमने उनसे कहा है कि ट्रेनों के परिचालन के लिए उनसे हमें 100 फीसदी सुरक्षा मंजूरी चाहिए।''

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