अब पूरी तरह से दरकिनार करने के मूड में नीतीश, बनने लगा है LJP के खिलाफ माहौल..!

NDA not supporting LJP Demand Regarding Bihar Election 2020 - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : कोरोना संकट के बीच बिहार में विधानसभा चुनाव कराने को लेकर सियासत तेज हो गई है। पहले राजद ने विधानसभा चुनाव के समय को लेकर आयोग के फैसले पर आपत्ति की और अब राजग की सहयोगी लोजपा विपक्षी दल के सुर में सुर मिला रही है। लोजपा के इस रुख पर जदयू और भाजपा सहमत नहीं हैं।

दरअसल, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) चुनाव को लेकर सवाल खड़े कर रही है। लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने कोरोना की वजह से बिहार में चुनाव कराए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे बिहार सरकार पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और एक बड़ी आबादी खतरे में पड़ सकती है।
लेकिन चिराग के इस बयान से भाजपा और जदयू दोनों ही इत्तेफाक नहीं रखती है।

भाजपा सांसद और बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता रामकृपाल यादव ने आईएएनएस से कहा, "चुनाव कराना चुनाव आयोग का काम है। चुनाव कैसे कराना है और किन परिस्थितियों में कराना है, इस पर आयोग फैसला लेगी। आयोग जो भी फैसला लेगी हम तैयार हैं, लेकिन जहां तक भाजपा की बात है, हम चुनाव के लिए तैयार हैं। कोरोना कब तक खत्म होगा, कोई नहीं जानता तो क्या इसके लिए लोकतंत्र को ठप्प कर दिया जाए?" 

इस मुद्दे पर बिहार भाजपा तय समय पर चुनाव के पक्ष में है। पार्टी का मानना है कि चुनाव आयोग ने पहले ही पर्याप्त एहतियातन कदम उठाए हैं। सामाजिक दूरी, बुजुर्गो के लिए पोस्टल बैलेट, जैसे कई अहम फैसले लिए हैं। अनलॉक में सभी सरकारी और व्यावसायिक गतिविधियां जारी हैं। ऐसे में बिहार विधानसभा चुनाव भी कराए जा सकते हैं।
उधर जनता दल-युनाइटेड (जदयू) ने लोजपा की इस मांग पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है।

जदयू के वरिष्ठ नेता और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अफजल अब्बास ने आईएएनएस से कहा, "चिराग पासवान कुछ भी बोलते रहते हैं। जदयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते रहते हैं। वो अपनी पार्टी के नेता हैं, कुछ भी बोलने और करने को स्वतंत्र हैं। लेकिन जहां तक बिहार में चुनाव कराने को लेकर सवाल है तो यह फैसला चुनाव आयोग को करना है।" उन्होंने कहा कि आयोग सोच-विचार कर ही कोई फैसला लेगा। कोरोना महामारी तो पूरे देश में है। स्वास्थ्य सबंधी गाइडलाइंस पर अमल करते हुए सारा काम हो रहा है तो फिर चुनाव क्यों नहीं हो सकता।

जाहिर है, लोजपा प्रमुख चिराग पासवान का बयान दोनों ही दलों को नागवार गुजरा है। वैसे भी चिराग का यह बयान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के बाद आया है। तेजस्वी ने कहा था, "लाशों के ढेर पर चुनाव होगा? चुनाव किस लिए होता है, लोगों की जिंदगी बचाने के लिए। ये तो लोगों को मारकर चुनाव कराना चाहते हैं। आखिर चुनाव के लिए इतनी जल्दबाजी क्यों है?"

भाजपा और जदयू के संकेत से साफ है कि ये दोनों पार्टियां तय समय पर चुनाव कराने के पक्ष में हैं। इस बावत दोनों दलों ने वर्चुअल रैलियां भी शुरू कर दी हैं। चिराग पासवान के चुनाव की तारीख बढ़ाने की मांग और 94 सीटों पर लड़ने की तैयारी से साफ है कि सीटों के बंटवारे को लेकर राजग में आई कड़वाहट आने वाले समय में और बढ़ सकती है। इस तरह राजग में लोजपा फिलहाल अलग-थलग पड़ती दिख रही है।

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