VIDEO :राजस्थान में अब नहीं गिरेगी सरकार, मीडिया के सामने गहलोत ने सौ से ज्यादा MLA जुटाकर किया शक्ति प्रदर्शन

Government will not fall in Rajasthan now, Gehlot demonstrated power by gathering more than hundred MLAs in front of media - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार पर मंडरा रहे संकट के बादल अब छंटते नजर आ रहे हैं। अशोक गहलोत ने मीडिया के सामने आज दोपहर सौ से अधिक विधायकों की परेड करवाई और विक्ट्री साइन दिखाया। साफ है कि अशोक गहलोत ने संदेश दिया है कि उनके पास बहुमत है और सचिन पायलट के सभी दावे गलत साबित होते दिख रहे हैं। ऐसे में अब हर किसी की नजर इस पर है कि सचिन पायलट क्या कदम उठाएंगे।

दिनभर की हलचल

बता दें कि आज दोपहर 1.17 मिनट पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया को अपने आवास में बुलाया, जहां विधायकों की संख्या का शक्ति प्रदर्शन किया गया। अशोक गहलोत की ओर से लगातार 100 से अधिक विधायकों के समर्थन की बात कही जा रही थी। इस दौरान अशोक गहलोत ने मीडिया के सामने विक्ट्री साइन दिखाया।

बता दें कि इससे पहले दोपहर 12.20 मिनट पर राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने दावा किया था कि 25 विधायक उनके साथ हैं। सचिन पायलट ने साफ कहा कि वो जयपुर में बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। दूसरी ओर गहलोत गुट का दावा है कि उनके पास 102 विधायक हैं।

जबकि दोपहर तकरीबन 11.50 बजे केंद्रीय नेतृत्व की ओर से जयपुर भेजे गए रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि पिछले 48 घंटे में कांग्रेस नेतृत्व ने कई बार सचिन पायलट से बात की है। राजस्थान सरकार जनता की सेवा के लिए काम करेगा। हम सभी विधायकों और नेताओं से अपील करते हैं कि वो विधायक दल की बैठक में शामिल हों और कांग्रेस की सरकार को मजबूत करने का काम करें।

रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि कभी-कभी वैचारिक मतभेद उत्पन्न होता है, लेकिन इससे अपनी ही सरकार को कमजोर करना ठीक नहीं है। अगर कोई मतभेद है तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी की अगुवाई में हम इसका समाधान निकालेंगे। व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा के जरिए सरकार को कमजोर करना ठीक नहीं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बीजेपी की ओर से हर बार जांच एजेंसियों को आगे किया जाता है, आज सुबह से ही कांग्रेस के साथियों पर इस तरह से छापेमारी करवाकर डराने की कोशिश की जा रही है।

बता दें कि आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी तय की गई थी। इस बैठक में सचिन पायलट के समर्थक माने जाने वाले चार विधायक भी सवेरे 11 बजे तक शामिल हो चुके थे। इसके अलावा करीब दस निर्दलीय विधायक भी बैठक में पहुंचे थे।

बता दें कि कांग्रेस ने आज सवेरे ही पार्टी का रुख साफ कर दिया था कि अगर सचिन पायलट और उनके समर्थक आज सुबह होने वाली बैठक में नहीं आते हैं तो पार्टी उनपर एक्शन ले सकती है और इसमें सभी को पार्टी से निकाला जा सकता है। इसके साथ ही यह भी साफ कर दिया गया था कि राजस्थान का नया प्रदेश अध्यक्ष चुना जाएगा। कांग्रेस पार्टी रघुवीर मीणा को प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है।

पिछले कुछ दिनों से चल रहे इस सियासी ड्रामे ने रविवार को क्लाइमेक्स का रूप ले लिया। जहां अशोक गहलोत और सचिन पायलट में सियासी तलवारें खिंच गई और दिल्ली में मौजूद केंद्रीय नेतृत्व को एक्शन में आना पड़ा। दिल्ली से तीन नेता जयपुर पहुंचे, जिन्होंने अशोक गहलोत और अन्य विधायकों के साथ बैठक की।

किस मुद्दे को लेकर थी आर-पार की लड़ाई?

दरअसल, अशोक गहलोत और सचिन पायलट में राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव से ही आरपार की लड़ाई जारी है, लेकिन मौजूदा वक्त में ये विवाद तब गहराया जब अशोक गहलोत ने बीजेपी पर सरकार गिराने का आरोप लगाया, साथ ही पार्टी के अंदर कुछ गद्दारों को चेताया। इसकी जांच के लिए एक ग्रुप बनाया गया, जिसने सचिन पायलट को पूछताछ के लिए नोटिस भेज दिया। हालांकि, ऐसा नोटिस सीएम को भी गया था। इसी के बाद विवाद बढ़ता गया। साथ ही यह भी बता दें कि सचिन पायलट के प्रदेश अध्यक्ष पद का कार्यकाल खत्म हो रहा है और राजस्थान में उपचुनाव, पंचायत चुनाव भी होने हैं।

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