बिहार विधानसभा चुनाव 2020 : चुनावी मैदान में इस बार पांच गठबंधन, जानें किसका पलड़ा भारी

Bihar Assembly Elections 2020 Five Alliances Are In Fray For Bihar Polls - Sakshi Samachar

प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायंस

यूनाइटेड डेमोक्रेटिक गठबंधन

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही राजनीतिक दलों का चुनावी अभियान भी तेज हो गया है। लेकिन एनडीए और महागठबंधन में अभी तक सीटों का पेंच फंसा हुआ है। एक ओर एनडीए में लोजपा को लेकर मामला उलझा हुआ है, तो वहीं उधर, महागठबंधन से रालोसपा के बाहर निकलने के बाद अब राजद और कांग्रेस में ठन गई है। सीटों के बंटवारे के फॉर्मूले पर राजद का जो ऑफर है, वह कांग्रेस को रास नहीं आ रहा है। इस बीच रालोसपा और बसपा ने गठबंधन बना लिया है। इसमें अन्य दलों को भी जोड़ने की तैयारी चल रही है। इस तरह बिहार मे तीसरे मोर्चे का आगाज हो गया। वैसे बिहार के इस चुनाव में इस बार गठबंधन ही गठबंधन है। आए जानते हैं कितने गठबंधन है...... 

एनडीए गठबंधन

इस गठबंधन में भाजपा, जदयू के अलावा लोकजनशक्ति पार्टी शामिल है, हालांकि सीटों को लेकर लोजपा अभी भी अड़ी हुई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) भी इस बार एनडीए के साथ है। कहा जा रहा है कि भाजपा और जदयू  101 और 103 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, जबकि बांकि कि बची हुई 39 सीटें सहयोगी दलों को दी जाएंगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि लोजपा के चिराग पासवान को भाजपा मना पाती है या नहीं। 

महागठबंधन

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की अगुवाई वाले महागठबंधन में कांग्रेस के अलावा लेफ्ट पार्टियां शामिल हैं। लेकिन सीट बंटवारे को लेकर अभी पेंच फंसा हुआ नजर आ रहा है। कांग्रेस जहां 70 से अधिक सीटों की मांग कर रही हैं, वहीं लेफ्ट दल भी 40 सीटों पर दावा ठोक रहे हैं। लेकिन तेजस्वी यादव कांग्रेस को 60 से अधिक सीटें देने के लिए तैयार नहीं हैं। बताया जाता है कि कांग्रेस के हाईकमान की आज बैठक है। इस बैठक में गठबंधन पर फैसला होना। कहा जा रहा है कि कांग्रेस महागठबंधन से अलग भी हो सकती है। 

डेमोक्रेटिक सेक्युलर एलायंस (यूडीएसए)

बिहार में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के एंट्री के बाद देवेंद्र प्रसाद यादव की समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक (SJDD) के साथ गठबंधन किया है, जिसे डेमोक्रेटिक सेक्युलर एलायंस का नाम दिया गया है। इस गठबंधन का लक्ष्य यादव और मुस्लिम वोटो के समीकरण के जरिए चुनावी मैदान फतेह करना है। 

असदुद्दीन ओवैसा की नजर सीमांचल इलाके पर है, जहां से 24 सीटें आती हैं। यहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। ओवैसी की वजह से यहां जदयू और राजद दोनों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। वहीं देवेंद्र यादव की पार्टी कांग्रेस और राजद के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है जो 140 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। 

यूनाइटेड डेमोक्रेटिक गठबंधन

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिंह और भारतीय सब लोग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण सिन्हा ने मिलकर 16 छोटी- छोटी पार्टियों का यूनाइटेड डेमोक्रेटिक एलायंस बनाया गया है। ये गठबंधन प्रदेश में महागठबंधन और एनडीए के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोकने की तैयारी कर रही है। सिन्हा ने ऐलान किया है कि वह सभी 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे। सिन्हा ने गठबंधन के उद्देश्यों को साफ करते हुए कहा कि यह गठबंधन अपराधमुक्त बिहार बनाने, भ्रष्टाचार को रोकने और युवाओं को रोजगार देने की दिशा में काम करेगा। 

प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायंस

बसपा सुप्रीमो मायवाती ने बिहार में उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा के साथ गठबंधन किया है। वहीं पप्पू यादव की जन अधिकारी पार्टी, चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी, बीएमपी और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) ने मिलकर  प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीए) बनाया है। बताया जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा और मायावती वाला गठंबंधन भी इसमें शामिल हो सकता है। अब यह देखना है कि कौन सा गठबंधन किसको ज्यादा नुकसान पहुंचाएगा, यह चुनाव के बाद ही पता चल पाएगा।  

आप को बता दें कि बिहार विधानसभा का चुनाव तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 16 जिलों में 71 सीटों पर मतदान होगा। 

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