चिराग पासवान ने लिखा मार्मिक खत, पिता के स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता, कहा- ऐसे में उन्हें अकेला कैसे छोड़ दूं?

Chirag Paswan wrote an emotional letter about father health - Sakshi Samachar

सियासी गहमागहमी के बीच चिराग का इमोशनल खत

ट्वीट कर बताया था पिता रामविलास पासवान अस्वस्थ हैं

अस्पताल में पापा को रोज बीमारी से लड़ते हुए देख रहा हूं

पटना : कोरोना काल में हो रहे बिहार विधानसभा चुनाव 2020 को चुनावी रणनीति के कई ऐसे रंग अब देखने को मिल रहे हैं, जो अब से पहले शायद किसी भी चुनाव में देखने को ​नहीं मिला था।  

सियासी गहमागहमी के बीच चिराग का इमोशनल खत

बता दें कि बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव 2020 को लेकर जारी सियासी गहमागहमी के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने पार्टी कार्यकर्ताओं एवं उम्मीदवारों को एक मार्मिक पत्र लिखा है। चिराग पासवान ने अपने इस पत्र में लोजपा के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के स्वास्थ्य का जिक्र किया है। साथ ही, पिता रामविलास पासवान के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जाहिर की है।

सूत्रों के मुताबिक पासवान के परिवार में कई लोग कोरोना पॉजिटिव हुए। हालांकि उनमें से कई की रिपोर्ट अब नेगेटिव आ चुकी है।

चिराग पासवान ने 20 सितंबर को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपनी इस चिट्ठी में बेहद मार्मिक अंदाज में अपने दिल का हाल बयां करते हुए लिखा है कि ऐसी हालत में मैं उन्हें कैसे छोड़ दूं? बता दें कि बिहार चुनाव के मद्देनजर इन दिनों एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर कयासों का सिलसिला तेज हो गया है। ऐसे समय में लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान दिल्ली में हैं।

ट्वीट कर बताया था पिता रामविलास पासवान अस्वस्थ हैं

चिट्ठी में चिराग ने लिखा है, 24 अगस्त 2020 को ट्वीट करके मैंने आप सभी को बताया था कि पिता रामविलास पासवान अस्वस्थ हैं। कोरोना काल में जनता को राशन मिलने में किसी भी तरह की ​समस्या न हो, इसलिए पापा अपने रूटीन हेल्थ चेकअप को टालते रहे। इससे वे अस्वस्थ हो गए। पिछले तीन हफ्ते से दिल्ली के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। मैं उम्मीद करता हूं कि वे जल्द स्वस्थ होकर हमारे बीच लौटेंगे।

अस्पताल में पापा को रोज बीमारी से लड़ते हुए देख रहा हूं

इमोशनल होते हुए चिराग आगे लिखते हैं, आज जब मैं यह खत लिख रहा हूं तो अस्पताल में पापा को रोज बीमारी से लड़ते हुए देख रहा हूं। एक बेटे के तौर पर पापा को अस्पताल में देखकर विचलित हो जाता हूं। पापा ने ​कई बार मुझे पटना जाने का सुझाव दिया लेकिन बेटा होने के नाते उन्हें आईसीयू में छोड़कर जाना मेरे लिए संभव नहीं है। आज जब उन्हें मेरी सबसे ज्यादा जरूरत है तो मुझे उनके साथ रहना चाहिए, अन्यथा आप सबका राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने आपको कभी माफ नहीं कर पाएगा।

उन सभी साथियों की चिंता है जिन्होंने जीवन बिहार और बिहारियों को समर्पित कर दिया

वह आगे लिखते हैं, पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते मुझे उन सभी साथियों की चिंता है जिन्होंने अपने जीवन को बिहार और बिहारियों के लिए समर्पित कर दिया। अपने इस खत के माध्यम से मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि अब तक गठबंधन के साथियों के साथ न तो बिहार के भविष्य और न ही सीटों के तालमेल को लेकर मेरी कोई चर्चा हुई है। बिहार संसदीय बोर्ड और सभी सांसदों के साथ हुई बैठक में भी ये बातें मैं बताई हैं।

बिहार में विकास को दिशा देने के लिए जरूरी है कि पार्टी जनता के समक्ष विकास का रोड मैप रखे

मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मौजूदा सरकार सात निश्चय कार्यक्रम पर कार्य कर रही है, जो 2015 में महागठबंधन यानी आरजेडी, कांग्रेस और जेडीयू द्वारा बनाया गया था। बिहार में विकास को दिशा देने के लिए जरूरी है कि लोक जनशक्ति पार्टी जनता के समक्ष अपने विकास के रोड मैप को रखे ताकि बिहार की जनता को यह बता सके कि जब लोजपा समर्थित सरकार आएगी तो हमारी विकास की क्या योजनाएं रहेंगी?

पार्टी के साथियों के साथ पिछले एक वर्ष से काम कर रहा हूं

इस दिशा में मैं पार्टी के साथियों के साथ पिछले एक वर्ष से काम कर रहा हूं, इसलिए कह सकता हूं कि बिहार और बिहार विजन डॉक्यूमेंट लगभग चार लाख बिहारियों के सुझाव से तैयार किया गया है। सभी लोजपा परिवार से यह आग्रह करना चाहूंगा कि जब तक आप स​बके बड़े साहब ठीक नहीं हो जाते, सभी साथी अपनेअपने क्षेत्र में बिहारी साथियों को कोरोना व बाढ़ की विपदा से लड़ने में मदद करें और अपने विधानसभा क्षेत्र में ही रहें।

जल्द ही मैं आप सभी के बीच रहूंगा।

आपका राष्ट्रीय अध्यक्ष
चिराग पासवान।

बहरहाल, अब देखना यह है कि चिराग के इस मार्मिक खत का असर उनकी पार्टी और विपक्ष पर क्या होता है? साथ ही चुनावी धरातल पर इसका क्या रंग देखने को मिलता है, यह भी देखने योग्य होगा।

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