GHMC Election 2020 :हैदराबाद में बीजेपी की मेहनत लाई रंग, चुनाव में सबसे ज्यादा मिला फायदा

BJP Performance GHMC Election 2020 - Sakshi Samachar

हैदराबाद : ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC Election2020 ) के चुनावों के रिजल्ट आ चुके हैं। बस कुछ ही सीटों पर कांउटिंग बाकी है। अंतिम चुनावी नतीजो में बीजेपी (BJP) अभी तक दूसरे पायदान पर है। बीजेपी ने इस बार नगर निगम में काबिज  टीआरएस (TRS) को बड़ी और कड़ी टक्कर दी। दरअसल बीजेपी भले ही इस चुनाव में नगर निगम के सत्ता को हासिल ना कर पाई हो लेकिन उसका  उद्देशय सफल हो गया। दरअसल बीजेपी जीएचएमसी इलेक्शन (GHMC Election 2020) के जरिए यह साबित करना चाहती थी कि तेलंगाना में अगर टीआरएस का कोई विकल्प है तो वो बीजेपी है।  क्योंकि बीजेपी और (AIMIM) भाई- भाई माने जाते हैं। 

दूसरे नंबर पर रहते हुए भी बीजेपी को हुआ सबसे बड़ा फायदा
हैदराबाद में कुल  150 सीटों पर जीएचएसी का इलेक्शन हुआ। अब तक के नतीजों अनुसार सत्तारूढ़ दल टीआरएस ने जहां 56 सीटों पर जीत हासिल कर ली हैं। वहीं  बीजेपी ने 47 सीटों पर जीत हासिल कर जोरदार वापसी की है जबकि चार सीटों पर फाइट कर रही है। वहीं पिछली बार दूसरे नंबर पर रही औवैसी की पार्टी महज 41 सीट पर ही जीत हासिल कर सकी। दरअसल पिछले चुनाव में चार सीटों पर सिमटने वाली पार्टी ने इस बार के चुनाव में शुरू से ही पूरी ताकत झोंक दी थी। इस रिजल्ट ने साबित कर दिया है कि भगवा दल की मेहनत रंग लाई। 

भूपेंद्र यादव ने तैयार की थी रणनीति
 बीजेपी ने लिए ने इस चुनाव के लिए। इस बार के चुनाव के लिए अमित शाह ने अपने सबसे खास रणनीतिकार भूपेंद्र यादव को इसकी कमान सौंपी थी। अमित शाह से लेकर  योगी आदित्यनाथ, नड्डा जैसे दिग्गजों ने चुनाव से पहले कैंपेनिग की थी। इस वजह से राजनीतिक विश्लेष्कों का मानना है कि अगर बीजेपी 35 सीटों पर जीत हासिल कर लेती है तो भी उसके लिए यह काफी बड़ा अचीवमेंट होगा। बता दें कि साल 2015 में हुए जीएचएस चुनाव में टीआरएस को 99 सीट पर विजय हासिल की थी जबकि असदुद्दीन ओवैसी  की पार्टी ने 44 सीटों पर जीत का परचम लहराने में कामयाब हुई थी।

आखिर बीजेपी ने हैदराबाद में क्यों झोंकी ताकत
पिछले महीने में  ही में  तेलंगाना में दुब्बाका विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था।  इस सीट को टीआरएस का गढ़ कहा जाता है। क्योंकि इस सीट के पास वाली सीट से ही सीएम केसीआर चुनाव जीत चुके हैं। दरअसल इस सीट के सिटिंग विधायक का निधन हो जाने से खाली हो गई थी। टीआरएस ने उपचुनाव में दिवंगत विधायक की पत्नी को ही उम्मीदवार बनाया था। काफी  कोशिशों के बाद भी टीआरएस यह उपचुनाव हार गई और भाजपा को यहां से जीत मिली। इस वजह से भाजपा का मनोबल काफी उंचा हुआ।  

देश की सबसे बड़ी पार्टी के लिए दक्षिण है सबसे बड़ी चुनौती
देश की नंबर वन पार्टी बीजेपी भले ही केंद्र की सत्ता का सुख भोग रही हो। लेकिन उसके लिए हमेशा से देश के दक्षिणि राज्य हमेशा चुनौती भरे रहे हैं, सिवाय एक कर्नाटक को छोड़कर बाकी के राज्यों जैसे  आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल में बीजेपी का प्रभाव बहुत कम है। पार्टी इन राज्यों में बड़े ही मुश्किल से गठबंधन के जरिए सत्ता में पहुंच पाती है। इसी ह से बीजेपी अपने मिशन इसलिए GHMC के चुनाव में परचम लहराकर दक्षिण भारत के अभियान को मजबूत करना चाहती है। 

अब तक के परिणाम

TRS -     56
BJP-      47
AIMIM-  43
Others -  2

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